शाहजहांपुर। रबी विपणन वर्ष 2021-22 में गत एक अप्रैल से समर्थन मूल्य पर शुरू हुई गेहूं की खरीद एक माह में सिर्फ 3639 टन हो सकी है। यह जनपद को मिले खरीद लक्ष्य 3.11 लाख टन के सापेक्ष सिर्फ 1.81 प्रतिशत है। इस बार किसानों को समर्थन मूल्य से ज्यादा भाव गल्ला आढ़तों पर मिलने के साथ ही निजी कंपनियों द्वारा खेत से ही किसानों का गेहूं ऊंचे भाव पर खरीदने से अधिकांश क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक नहीं हो रही है। सोमवार को जिले के अधिकतर क्रय केंद्र सूने पड़े नजर आए। अधिकारियों के अनुसार किसानों के घरों से खरीद करने के लिए सभी क्रय केंद्र चलायमान (मोबाइल) कर दिए जाने के बावजूद समर्थन मूल्य पर गेहूं नही मिल रहा है।
किसानों से संपर्क के बहाने पुवायां के केंद्र प्रभारी गायब
पुवायां। मंडी में गल्ला आढ़तों पर लगभग सात लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन सरकारी सेंटर खरीद लक्ष्य से बेहद पीछे हैं। किसानों से गांवों में उनके घर जाकर गेहूं खरीद के आदेश तब दिए हैं, जब तहसील के अधिकांश किसान गेहूं बेचकर अगली फसलों की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में गांवों से भी गेहूं मिलना मुश्किल है। गेहूं सेंटर पर नहीं पहुंचने का कारण रहा कि गेहूं के आढ़तों पर दाम क्रय केंद्रां के समान अथवा उनसे अधिक रहे और किसानों को भुगतान भी नगद किया गया। यहां से निजी रूप से खरीदा गया तमाम गेहूं अहमदाबाद भेजकर वहां से विदेश भेजा जा चुका है। गेहूं खरीद को लेकर प्रभारी भी ज्यादा सक्रिय नहीं हैं और गांवों में होने का बहाना कर सेंटरों से गायब रहते हैं।
जलालाबाद मंडी में सेंटर सूने, आढ़तों पर लगे गेहूं के ढेर
जलालाबाद। यहां मंडी परिसर में खोले गए आरएफसी और एसएफसी के क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक नहीं होने से सन्नाटा पसरा है जबकि गल्ला आढ़तों के आगे किसानों से ऊंचे भाव पर खरीदे गए गेहूं के ढेर लगे हैं। मंडी में विभिन्न क्रय एजेंसियों के पांच क्रय केंद्र खोलने का प्रशासन ने दावा किया। इनमें से आरएफसी के तीन और एसएफसी के एक सेंटर पर सामान पड़ा दिखा, लेकिन वहां कोई किसान नजर नहीं आया। यही नहीं, पीसीएफ ने भी क्रय केंद्र खोलने का दावा किया, लेकिन उसका कोई मंडी परिसर में कोई नामोनिशान नहीं दिखा। मंडी सचिव जेपी वर्मा के अनुु्सार एफएफसी का सेंटर देर से स्वीकृत होने के कारण काफी समय बाद खुल सका था और यदि कोई सेंटर बंद है तो उसे तत्काल दिखवाकर रिपोर्ट अधिकारियों को दी जाएगी।
2.00 बजे: पुवायां मंडी का यूपीएसएस केंद्र
यूपीएसएस से संचालित किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड बड़ागांव के गेहूं क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ था। चार लोग ताश खेल रहे थे। केंद्र प्रभारी प्रमोद कुमार गायब थे। हालांकि, वहां कांटा, बोरे आदि रखे मिले। ताश खेलने वालों ने बताया कि अभी तक इस सेंटर पर मात्र 90 क्विंटल गेहूं खरीद हुई है। गेहूं खरीद के लिए प्रभारी गांवों में भ्रमण कर रहे हैं।
2.15 बजे: पुवायां मंडी में यूपीएसएस का दूसरा केंद्र
मंडी परिसर में यूपीएसएस से संचालित सहकारी संघ सिंधौली के दूसरे सेंटर पर पंखा, कांटा, बोरे आदि सामान रखा दिखा, लेकिन केंद्र प्रभारी अंकुर कुमार वहां नजर नहीं आए। बैनर पर लिखे नंबर पर फोन किया तो उन्होंने बताया कि गांवों में गेहूं की तलाश में निकले हैं, लेकिन किसान गेहूं बिक जाने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्य 10 हजार क्विंटल से अधिक का है, लेकिन अभी तक खरीद 68 क्विंटल ही हो सकी है।
1.00 बजे: जलालाबाद मंडी का आरएफसी सेंटर
मंडी परिसर में संचालित आरएफसी के तीनों सेंटरों पर सन्नाटा पसरा है। वहां न कोई काश्तकार दिखा और न ही केंद्र संचालक। आरएफसी तृतीय केंद्र के प्रभारी शिवम के मोबाइल पर काल की तो उन्होंने बताया कि उनके सेंटर पर बीते सप्ताह तक 835 क्विंटल खरीद हुई है। शासन के निर्देशानुसार सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक सेंटर पर बैठने के बाद गेहूं की खरीदारी करने किसानों के पास गांव एलमनगर गए हैं। उन्होंने बताया कि दो गांव जा चुके हैं, लेकिन गेहूं नहीं मिला।
1.15 बजे: जलालाबाद मंडी का एसएफसी सेंटर
मंडी मेें संचालित एसएफसी के सेंटर पर ताला लटका मिला। वहां केंद्र प्रभारी नहीं दिखे, लेकिन मौजूद मिले अन्य लोगों ने बताया कि यह सेंटर खुलता ही नहीं है, केवल दिखावे को बैनर लगा हुआ है। केंद्र प्रभारी के बारे में पूछने पर मौजूद लोगों का कहना था कि जब किसान नहीं आ रहे तो केंद्र पर बैठने से कोई लाभ नहीं।
1.00 बजे: निगोही का पीसीयू का क्रय केंद्र
इस केंद्र पर सन्नाटा पसरा मिला। केंद्र प्रभारी राहुल गुप्ता ने मोबाइल कॉल करने पर बताया इस वर्ष एक भी किसान गेहूं लेकर क्रय केंद्र नहीं आया, क्योंकि बाजार में गेहूं 2100 रुपये में बिक रहा है, जबकि सरकारी भाव 2015 रुपये निर्धारित किया। बताया कि क्षेत्र के गांव कबीरपुर गेहूं की तलाश में गए, लेकिन किसान बाजार में बिक्री कर चुके हैं।
1.15 बजे: झोतूपुर (निगोही) का एसएफसी केंद्र
एसएफसी से संचालित गांव झोतूपुर के क्रय केंद्र जाने पर वहां भी सन्नाटा नजर आया। यहां केंद्र प्रभारी विशाल ने बताया कि अब तक केंद्र पर खरीद शून्य है क्योंकि किसानों का गेहूं बाजार में महंगा बिक रहा है। केंद्र प्रभारी के अनुसार इसीलिए किसान गेहूं बेचने से मना कर रहे हैं।
जनपद में 3639 टन गेहूं की सरकारी खरीद हो सकी है, जबकि प्राइवेट खरीद लगभग 20 लाख क्विंटल हो चुकी है। तहसील में खरीद का ब्यौरा उपलब्ध नहीं है। इस बार कारगिल, आरटीसी आदि कई निजी कंपनियां भी अच्छे भाव पर गेहूं खरीद रही हैं। सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक गेहूं की तलाश में गांव-गांव जा रहे हैं। यदि कोई किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बिक्री करना चाहता है और उसे इसमेें किसी तरह की कठिनाई हो रही है तो मेरे कार्यालय के फोन नंबर 05842-221986 अथवा वाट्सएप नंबर 9519063411 पर सूचित करें ताकि मोबाइल टीम उनके घर भेजी जा सके। -कमलेश कुमार पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, शाहजहांपुर
सूना पड़ा पुवायां के मंडी परिसर में लगा किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड बड़ागांव का गेहूं क्रय क- फोटो : POWAYAN