फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंधी-बारिश से खेतों में तैयार गेहूं गिरा, भारी क्षति

Fri, 03 Apr 2015 11:28 PM IST
शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल देखकर किसानों का भरोसा अब तो भगवान से भी उठता जा रहा है। जीतोड़ मेहनत करके अपने खून पसीने से उगाई गई गेहूं की फसल को घर न ले जा पाने की परेशानी किसानों को ऐसा कहने पर मजबूर कर रही है। बृहस्पतिवार को हुई आंधी के साथ हुई बारिश ने किसानों को बिल्कुल तबाह कर दिया है। इस साल अधिकांश किसानों की लागत भी वसूल नहीं हो पाएगी।
विज्ञापन

बीते कई दिनों से दो से चार दिनों के अंतराल में हो रही बारिश से किसानों का पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। बृहस्पतिवार की रात तीन बजे के करीब आंधी और पानी ने तो किसानों की फसलों को बिल्कुल ही चौपट कर दिया।  इससे किसानों के बचे-खुचे अरमान भी नेस्तानाबूत हो गए। किसानों के मुताबिक आंधी के साथ गिरे पानी की वजह से गेहूं की फसल खेतों में पसर गई है। उसकी कटाई-गहाई में भी काफी परेशानी होगी। बादल साफ नहीं हुए तो खेतों में ही गेहूं खराब होने की आशंका है।
इस संबंध में किसानों से बातचीत की तो उनका दर्द उनके लफ्जों में उभर आया।

जल्द मुआवजा दे सरकार
बेमौसम बारिश ने गेहूं की फसल का काफी नुकसान कर दिया है। ऊपर से सरकार कह रही है कि दागी गेहूं नहीं खरीदा जाएगा। ऐसे में किसान का गेहूं कैसे बिकेगा। सरकार तुरंत मुआवजा दे। अब मौसम फिर से खराब हो जाने से किसान बेहद परेशान हैं।
विज्ञापन

- जवाहर सिंह, बसखेड़ा, पुवायां

खराब मौसम से किसानों का चेहरा फक्क
पहले हुई बारिश में भारी नुकसान हुआ है। अब मौसम फिर से बिगड़ जाने से किसानों का चेहरा फक्क पड़ गया है। भगवान भी किसान की नहीं सुन रहे हैं और सरकार तो उत्पीड़न करने पर आमादा है। किसान की फसल का बीमा होता है। बीमा लाभ जल्द मिलना चाहिए।
- प्रभजोत सिंह, गांव पुनौती, खुटार

गेहूं खराब हो जाने का अंदेशा
दो एकड़ खेत में गेहूं की फसल बोई थी। पहली बरसात में काफी फसल का नुकसान हो गया। बृहस्पतिवार रात की तेज हवा ने खेत में खड़ी बची फसल के अधिकांश हिस्से को जमीन पर गिरा दिया। भीग जाने के कारण अभी कटाई नहीं हो सकेगी। इससे गेहूं के दाने खराब हो जाने का अंदेशा है।
- सत्यपाल, उबरिया

काश्तकारों की लागत भी नहीं निकलेगी  
दस बीघे में गेहूं के साथ सरसों की फसल तैयार की। सरसों में आई फली के दाने पहली बरसात के साथ आई हवा में पूरी तरह झड़ गये और गेहूं में भी काफी नुकसान हुआ। बाकी फसल पर लगी उम्मीद को बृहस्पतिवार रात की बारिश ने नाउम्मीदी में तब्दील कर दिया। इस साल शायद ही कोई काश्तकार लागत निकाल पाए।
- अनंगपाल सिंह, कलान क्षेत्र

40 हजार रुपये प्रति एकड़ मिले मुआवजा
शाहजहांपुर। भारतीय किसान यूनियन (रजिस्टर्ड) की बैठक शारदा नहर खंड के डाक बंगले में हुई। इसमें जिलाध्यक्ष जितेंद्र लोधी ने कहा कि किसानों की फसलें बरबाद हो चुकी हैं। अब शासन प्रशासन सर्वे के नाम पर किसानों को मूर्ख बना रहा है। मुआवजा और राहत न मिलने की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। मांग करते हुए कहा कि सरकारें किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे। इस दौरान जिलामंत्री दामोदर द्विवेदी, जिला संगठन मंत्री सत्यपाल सिंह, सरजीत सिंह, सुशील कुमार, बालकराम, सुशीला देवी, शेरसिंह, रामपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें