यूपी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य पांचवें दिन भी पटरी पर नहीं आ सका। यह अलग बात है कि पांचवें दिन तीनों केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू हो गया, लेकिन परीक्षकों की संख्या बेहद कम रही। इधर, शिक्षक विधायक ने केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षकों से बहिष्कार में साथ देने की अपील की। इससे पूर्व वित्तविहीन शिक्षकों ने जीआईसी केंद्र पर नारेबाजी कर मूल्यांकन कार्य का न सिर्फ बहिष्कार किया, बल्कि जो शिक्षक काम करे थे, उनके लिए भी बाधा खड़ी की। इस पर केंद्र प्रभारी ने पुलिस बुला ली। पुलिस से शिक्षकों की नोकझाेंक भी हुई।
एमएलसी संजय मिश्र ने जीआईसी केंद्र पर कहा कि जिस संख्या में शिक्षक कापियां जांचने आ रहे हैं, उससे लगता है कि इस बार मूल्यांकन दो माह में भी नहीं निपट पाएगा। मात्र पांच प्रतिशत शिक्षक ही कापियां जांचने में उतावलापन दिखा रहे हैं, शेष बहिष्कार में शामिल हैं। शिक्षक नेता मिश्र ने कहा कि जब सभी साथ हैं तो पांच प्रतिशत विभीषण की भूमिका में क्यों रहें। सभी शिक्षक एक हैं, इसलिए अपनेे साथियों का साथ दें। इस दौरान उन्होंने जीआईसी में चल रहे इंटर केमूल्यांकन को बंद करने का भी शिक्षकों से आग्रह किया।
उधर, जीआईसी केंद्र के उप नियंत्रक रणवीर सिंह ने बताया कि उनके केंद्र पर 45 टोलियाें ने काम शुरू कर दिया है, जिसमें लगभग 200 परीक्षक शामिल हुए, लेकिन यह संख्या बहुत कम है। क्यों कि इस केंद्र पर साढ़े तीन लाख कापियां आई हुई हैं। इस्लामिया कॉलेज के उप नियंत्रक आरिफ अली खां ने बताया कि उनके यहां 14 टोलियाें में करीब 77 परीक्षकों ने काम शुरू कर दिया है। वहीं, एबी रिच इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक आरपी राम ने बताया कि उनके केंद्र पर जैसे-तैसे मूल्याकन शुरू हो गया। हालांकि शुक्रवार को भी कुछ शिक्षकों ने काम में अड़चन डालने की कोशिश की, लेकिन कुल मिलाकर मूल्यांकन शुरू हो गया। उनके यहां नौ टोलियों ने 1900 के आसपास कापियां चेक कीं।
शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष पांडेय, जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा, मंत्री गौरव पांडेय, अनिल मालवीय, प्रमोद गुप्ता, इंदुदेव सिंह आदि और माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष हरीशंकर सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, नरेंद्र सिंह यादव, अभिषेक पांडेय, राजेश आनंद, राम कुमार यादव आदि ने बहिष्कार किया।
मराठी, तमिल, नेपाली भाषा
की कापियां बनीं सिरदर्द
इस्लामिया इंटर कॉलेज में हाई स्कूल की मराठी की 13, तमिल की 12 और नेपाली की चार कापियां आई हैं। उप नियंत्रक आरिफ अली ने बताया कि हिंदी भाषी विषयों के शिक्षक मिलना मुश्किल हो रहे है, तो मराठी, तमिल, नेपाली भाषा जैसे विषयों का मूल्यांकन कैसे हो।