शाहजहांपुर। लगातार निकल रही धूप और पछुआ हवा चलने से नमी का स्तर घट रहा है। मौसम शुष्क होने पारा सामान्य से चार डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। इससे गन्ने में शर्करा की मात्रा बढ़ने से चीनी मिलों को फायदा हो रहा है, लेकिन किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है। तेज धूप में गन्ने सूखने से उनका वजन कम हो रहा है। खेतों पर खड़ी गन्ने की फसल में सिंचाई अधिक करने पड़ रही है। इससे गन्ने की लागत बढ़ रही है।
कृषि और मौसम से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो इस बार अप्रैल के पहले सप्ताह तक तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाएगा। ऐसी स्थिति में गन्ना उत्पादकों को होने वाला घाटा मिलों के खाते में जाएगा। तापमान बढ़ने से मिलों में चीनी की रिकवरी (परता) 11 से 12 प्रतिशत तक पहुंच गया है जो कि बीते पेराई सत्र की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है।
जनपद की पांचों चीनी मिलों ने 15 मार्च तक 277.93 लाख क्विंटल गन्ना खरीद कर 29.64 लाख क्विंटल चीनी बनाई है। सबसे ज्यादा 12.59 प्रतिशत दैनिक चीनी परता डालमिया ग्रुप की निगोही मिल दे रही है। हाल ही में पेराई बंद कर चुकी बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल का चीनी परता भी 11.24 प्रतिशत रहा। गत कई पेराई सत्रों में प्रति क्विंटल गन्ना से चीनी उत्पादन में पीछे रहीं सहकारी क्षेत्र की पुवायां और तिलहर चीनी मिलों को 11.80 प्रतिशत चीनी परता मिल रहा है और बिरला ग्रुप की रोजा चीनी मिल प्रति क्विंटल गन्ना से 11.38 किलो चीनी बना रही है। खास यह है कि पांचों मिलों ने 14.32 लाख क्विंटल शीरा उत्पादन भी किया है। चूंकि, अभी कई मिल क्षेत्रों में लाखों क्विंटल गन्ना अवशेष है, इसलिए माना जा रहा है कि तापमान बढ़ने का सीधा लाभ मिलों को मिलेगा।
गन्ना पेराई, चीनी एवं शीरा उत्पादन (लाख क्विंटल), चीनी परता (प्रतिशत में)
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चीनी मिल गन्ना पेराई चीनी उत्पादन शीरा उत्पादन चीनी परता
निगोही मिल 104.36 1079950 6.26 12.69
मकसूदापुर मिल 66.01 740140 2.89 11.24
रोजा मिल 61.09 660980 3.16 11.38
तिलहर मिल 25.28 261130 1.09 11.80
पुवायां मिल 21.15 222600 0.92 11.80
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योग 277.89 2964800 14.32
बीते दस दिन में गत वर्ष और इस वर्ष का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)
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दिनांक वर्ष 2021 वर्ष 2020
12 मार्च 32.5 30.0
13 मार्च 31.0 29.5
14 मार्च 31.2 27.0
15 मार्च 32.2 25.1
16 मार्च 32.0 24.5
17 मार्च 33.0 28.0
18 मार्च 33.5 28.5
19 मार्च 33.2 29.5
20 मार्च 34.0 31.0
21 मार्च 34.2 30.2
जलवायु परिवर्तन के कारण इस वर्ष पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव क्षीण पड़ने से दिन में अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। गत वर्ष इन्हीं दिनों की तुलना में औसत तापमान तीन से चार डिग्री बढ़ गया है। दिन में धूप निकलने के कारण शुष्क पछुआ हवा चलने से वातावरण में आद्र्रता के औसत स्तर में भी 30 से 40 प्रतिशत कमी हो रही है। - डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
मकसूदापुर मिल क्षेत्र से गन्ना खत्म होने के कारण वहां पेराई बंद हो चुकी है। अन्य चारों मिलों के क्षेत्रों में अभी लगभग 70 लाख क्विंटल अवशेष है। ये मिलें अप्रैल के अंत तक चलने की संभावना है। शासन के निर्देश हैं कि संपूर्ण गन्ना पेरने के बाद ही मिलों में पेराई बंद होगी। किसान खेतों में पानी लगाने के बाद दो नालियों के बीच सूखी पताई बिछा दें तो गन्ना को ज्यादा समय तक नमी मिलती रहेगी। - डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी