मीरानपुर कटरा (शाहजाहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली-शाहजहांपुर के बीच स्थित हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर रेलवे लाइन के ऊपर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पिलर पर गार्डर रखने की अनुमति देने में रेलवे के अधिकारी लगातार ढिलाई बरत रहे हैं। अनुमति मिलने में हो रही देरी के चलते ओवरब्रिज का निर्माण कार्य नियत समय में पूरा हो पाना मुश्किल है। जबकि हुलासनगरा क्रासिंग पर जाम लगना रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है।
हुलासनगरा रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले वर्ष शुरू हुआ था। इसका निर्माण पीआरएल कंपनी कर रही है। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा करने का समय 31 मार्च 2021 तय किया गया था। रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर अप्रोच रोड बनाने के साथ दोनों किनारों पर सर्विस रोड बनाने का काम काफी हद तक पूरा करा लिया है।
पीआरएल कंपनी के अधिकारियों के अनुसार ओवरब्रिज के निर्माण का मसला रेलवे लाइन के पास बने पिलर के ऊपर गार्डर रखने की अनुमति को लेकर अटका है। निर्माण कंपनी के सूत्रों के अनुसार यदि रेलवे विभाग गार्डर रखने की परमिशन दे देता है, तो उसके बाद भी ओवरब्रिज का काम पूरा होने में लगभग पांच माह लग जाएंगे। ऐसी स्थिति में हुलासनगरा क्रासिंग पर अभी करीब छह माह तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो पाने के आसार नहीं हैं।
ओवरब्रिज के दोनों ओर अप्रोच रोड बनाने का काम पूरा हो चुका है। रेलवे विभाग से रेलवे लाइन के ऊपर गार्डर रखने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद ओवरब्रिज निर्माण पूरा होने होने में पांच महीने लगेंगे। यदि रेल विभाग से अनुमति काम शुरू होते वक्त मिल गई होती तो ओवरब्रिज अब तक यातायात के लिए चालू हो गया होता। - टीआर शर्मा, महाप्रबंधक, पीआरएल (कार्यदायी संस्था)
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज के लिए गार्डर रखने को रेलवे से अनुमति मिलने जैसी कोई समस्या नहीं है। वहां बनाए गए कंक्रीट के पिलर और उन पर रखे जाने वाले गार्डर की गुणवत्ता की जांच होनी है। यह एनएचएआई के अधिकारियों को तय करना है कि वह जांच बीएचयू के अभियंताओं से कराएंगे या फिर आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों से माध्यम से यह काम होगा। ओवरब्रिज जल्द बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन/ नोडल अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग
रेलवे की ओर से कोई समस्या नहीं है। कार्यदायी संस्था से क्वालिटी इंश्योरेंस प्लान मांगा गया है। जिसका उद्देश्य निर्माण कार्य की गुणवत्ता व मानकों को तय किया जाता है। लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से अभी तक क्वालिटी इंश्योरेंस प्लान सबमिट नहीं किया जा रहा है। - विद्याराम जाटव, सीआईओडब्ल्यू, उत्तर रेलवे