कुर्रियाकलां के एक खेत में पकने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल। संवाद
शाहजहांपुर। वायुदाब में भारी गिरावट के कारण शुक्रवार को देर रात तेज हवा और बूंदाबांदी से मौसम में बदलाव आया है। बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट नहीं आई, लेकिन इससे रात में मौसम ठंडा हो गया।
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, पछुआ हवा चलने से रविवार को दिन में धूप निकलने से मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन अगले अप्रैल तक रबी फसलों पर बेमौसम की बारिश का खतरा बना रहेगा। शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद बीच में धूप निकलने से दिन भर मौसम सामान्य बना रहा। दोपहर दो बजे के बाद शहर के कुछ हिस्सों में पांच मिनट बूंदाबांदी होने के बाद थम गई, लेकिन रात दस बजे के बाद मौसम में काफी बदलाव दिखने लगा। शहर के साथ ही मीरानपुर कटरा, तिलहर, पुवायां आदि क्षेत्रों में कुछ मिनट तक बारिश होने के बाद वातावरण में थोड़ी ठंडक आ गई।
रात में बादल छाए रहने और उमस बनी रहने से न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री बढ़कर 16.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। शनिवार को अधिकतम तापमान भी एक डिग्री बढ़कर 33.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार शुक्रवार की शाम बैरोमीटर सूचकांक से 20 मिलीबार कम हो जाने से एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्र में बारिश का असर रहा।
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पक चुकीं अगैती फसलों की तत्काल कटाई शुरू करें किसान
शाहजहांपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी का कहना है कि रबी फसलों के पकने के दौरान मार्च और अप्रैल में मानसून से पहले लगभग हर साल बारिश होती है। बारिश होने की दशा में गेहूं के साथ लाही, सरसों, मसूर, चना आदि कई फसलों को नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में अगैती गेहूं समेत अन्य फसलें बोई गईं हैं और लगभग पक चुकी हैं, उनकी कटाई करने का तत्काल प्रबंध करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि लाही व सरसों की 50 फीसदी से ज्यादा फसल कट चुकी है। पुवायां तहसील में अगैती प्रजाति के गेहूं की कटाई अगले सप्ताह तक शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसलिए बेमौसम की वर्षा होने पर गेहूं की फसल ज्यादा प्रभावित होगी। संवाद