शाहजहांपुर। पिछले करीब एक महीने से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को रविवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने खासी राहत दी। रविवार को शाम करीब चार बजे तक 132 मिमी बारिश हुई। ठंडी हवा चलने से अधिकतम तापमान 4.3 डिग्री लुढ़ककर 28.7 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। बारिश से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को हुआ। मगर शहर में कई जगह जलभराव होने से सड़के तालाब बन गईं, जिससे लोग परेशान रहे।
यहां शनिवार को हल्की बारिश हुई थी। रविवार को सुबह से ही काले बादल छाए रहे। सुबह करीब दस बजे तक उमस बनी रही, लेकिन एक घंटे बाद तेज हवा चलने के साथ बादल गरजने लगे और बूंदाबांदी शुरू हो गई। शुरुआत में आधे घंटे तक रिमझिम फुहारें गिरती रहीं। मगर इसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। दोपहर 12 बजे से दो बजे के बीच 80 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। इस दौरान शहर में टाउनहाल से लेकर टेलीफोन एक्सचेंज तक और कच्चा कटरा के आगे कनौजिया तिराहा से लेकर हद्दफ तक पानी भरने से सड़कें तालाब बन गईं।
टाउनहाल मेें जलभराव से नगर निगम कार्यालय और रैन बसेरा घंटों घिरे रहे। हॉकी मैदान तालाब मेें बदल गया। उधर, रेलवे ट्रैक के समानांतर नाला गंदगी से पटा होने से अप-डाउन दोनों लाइनें पानी में डूबने से वहां नहर जैसी दिखने लगी। रोडवेज के पीछे क्रॉसिंग पर जलभराव से बचने के लिए स्टेशन रोड से जो लोग ओवरब्रिज होकर आए, उनका रास्ता नगर निगम कार्यालय के पीछे कवि तिराहा पर हुए जलभराव ने रोक लिया। शाम चार बजे बारिश धीमी होने के बावजूद कई जगह घंटों पानी भरा रहा, जिससे आवागमन बाधित रहा।
धान की रोपाई के लिए खेत में रोकें पानी
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार रविवार को हुई वर्षा खरीफ सीजन की सभी फसलों के लिए जीवनदायी साबित होगी। धान की रोपाई के लिए पर्याप्त से भी ज्यादा बारिश हो गई है। सब्जियां मसलन खीरा, तोरई, लौकी, परवल आदि की फसलों को बचाने के लिए खेतों से पानी निकालने की आवश्यकता है। बारिश से गन्ने की बढ़वार तेज हो जाएगी।
हवा के कम दबाव का क्षेत्र सुबह से बना हुआ है। इसीलिए घने बादल छाए हैं और देर रात से सोमवार सुबह तक जनपद और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। - डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
खेतों में पानी भरा तो किसानों के चेहरे
पुवायां। झमाझम बारिश होने से खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों के मुताबिक अब धान की रोपाई आसान हो जाएगी। डीजल भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। गन्ना व दूसरी फसलों में सिंचाई भी नहीं करने पड़ेगी।
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किसान बेहद परेशान था। बारिश से सिंचाई से राहत मिलेगी। मानसून सक्रिय रहा तो किसानों को काफी लाभ होगा, नहीं तो धान में घाटा होगा।
आदित्य प्रकाश त्रिवेदी, चांदपुर खुटार
इस बार धान की रोपाई और सिंचाई में भारी लागत लग चुकी है। डीजल महंगा होने से भी बड़ी समस्या हो गई है। बारिश से राहत मिली है।
शिववीर सिंह, बहादुरपुर बुजुर्ग पुवायां
डीजल के बढ़ते रेट किसानों के जी का जंजाल बन रहे हैं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे फिलहाल सिंचाई का खर्च बच गया है। - प्रभजोत सिंह, पुनौती खुटार
किसान बारिश के लिए मनौती मांग रहा था। भगवान ने किसान की सुन ली है। बारिश से किसानों खासकर छोटे किसानों को भारी लाभ हुआ है। कई किसानों के पास सिंचाई का जरिया पंपिंग सेट ही था। - रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार