शाहजहांपुर। अरब सागर से उठे उत्तर-पूर्वी मानसूनी बादल शुक्रवार को भी दिन भर आसमान पर घुमड़ते रहे। बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी का सिलसिला दिन निकलने के बाद करीब 11 बजे तक जारी रहा। इस दौरान चार मिमी बारिश रिकार्ड की गई। लगातार रिमझिम फुहारें गिरती रहने से वातावरण मेें नमी का स्तर बढ़कर 94 प्रतिशत हो गया। आर्द्रता में 22 फीसदी वृद्धि होने से रात में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री गिरकर 21.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। दोपहर एक बजे के बाद बादल थोड़े हल्के पड़ने पर सूरज की गर्मी सतह पर उतरी तो वातावरण में उमस होने लगी, लेकिन नमी की अधिकता से पुरवाई ठंडी चलती रही और इस कारण दिन में अधिकतम तापमान भी दो डिग्री घटकर 28 डिग्री सेल्सियस रह गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले 24 घंटे तक बादल छाए रहने और इस दौरान हल्की वर्षा होने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार को दोपहर में बूंदाबांदी थमने के बाद शाम से बादल गहराने लगे। इसे देखते रात से ही आभास होने लगा था कि दिन में मौसम असामान्य रहेगा। अरब सागर में उठे निसर्ग तूफान को देखते मौसम विशेषज्ञ चार दिन पहले ही शुक्रवार से जिले में 48 घंटे तक बारिश और बूंदाबांदी का संकेत दे चुके थे। सुबह लोग सोकर उठे तो उन्हें घर में आंगन के फर्श से लेकर बाहर सड़कें तक गीली मिलीं। चूंकि, रात में ज्यादा बूंदाबांदी हुई। इसलिए सुबह के वक्त बाहर मौसम भी ज्यादा ठंडा महसूस हुआ। लगातार फुहारें गिरने से रात में लोगों को गुलाबी सर्दी महसूस हुई तो उन्होंने कूलर बंद करने के साथ सीलिंग फैन की स्पीड भी घटानी पड़ गई।
सुबह मौसम खराब रहने से बाजारों मेें भी भीड़ रोज की तुलना में कम रही। दोपहर बाद बादल छंटने और धूप निकलने पर मौसम थोड़ा सुधरा तो लोग घरों से निकलने लगे और बाजारों में भी दोपहर की शिफ्ट में खुलीं दुकानों पर लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बारिश धीमी गति से देर तक होने के कारण आर्द्रता ज्यादा बढ़ गई और इसी वजह से दिन और रात के तापमान में गिरावट आई। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ इस समय पूरी तरह निष्क्रिय है और समुद्री तूफान के कारण राजस्थान, गुजरात से आने वाली उत्तर-पूर्वी गर्म हवा भी ठंडी हो गई है। बैरोमीटर रीडिंग में छह की गिरावट को देखते शनिवार को भी हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है।