जैतीपुर। ब्लॉक मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर स्थित अमईपुर सड़ा गांव में गोशाला है। यहां पर महीनों से गायों को अच्छा भूसा हरा चारा और दाना नहीं मिल रहा था, जिसकारण गायों के हालात बदतर हो गए। गाय कमजोर होने लगी पिछले 4 दिन से एक गाय बीमार चल रही थी जो शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा कमजोर हो चुकी थी। गाय ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। गुरुवार को अमर उजाला ने गौशाला के हालात पर खबर छापी तो खंड विकास अधिकारी जैतीपुर गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे तो पशु चिकित्सा अधिकारी भी उनके साथ मौके पर गए और बीमार गाय को दो ड्रिप बोतल लगाई । साथ ही अन्य दवाई खाने को दी।अच्छे भूसा और दाने की भी व्यवस्था की गई।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ सर्वेश कुमार ने बताया था कि गायों को हरा चारा और दाना नहीं मिल पा रहा है, जिससे इनकी शारीरिक क्षमता कमजोर हो रही है। नतीजतन गायें बीमार भी हो जाती हैं, लेकिन दूसरे दिन हालात जैसे के तैसे हो गए। शुक्रवार को राष्ट्रीय गोरक्षा संघ के जिला अध्यक्ष पवन सिंह अपनी टीम के साथ अमईपुर सड़ा स्थित गोशाला पर पहुंचे, जहां पर उन्होंने 28 गायों का मिलना बताया और कोई भी गोसेवक वहां उनकी सेवा में नहीं था। पवन सिंह ने बताया कि गायों के सामने सूखा भूसा पड़ा था, हरा चारा और दाना नहीं मिला था। इस दौरान राष्ट्रीय गोरक्षा संघ के जिला उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह जिला मंत्री सर्वजीत प्रताप सिंह प्रदेश संगठन मंत्री यसवंत कुमार मैथिल जिला मंत्री सुमित सिंह सहित पदाधिकारी मौजूद रहे। इस पर ग्राम सचिव मनीष कुमार ने बताया एक बीमार गाय की मौत हो चुकी है। गायों को दाना और अच्छा भूसा दिया जा रहा है, हरे चारे की बुवाई कराई जाएगी। दो गोसेवक हर समय मौजूद रहते हैं।
अमईपुर गोशाला में अपनी टीम के साथ गायों के हालात देखने पहुंचा था। गायों को दाना हरा चारा नहीं मिल रहा है। गाय कमजोर हो रही हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्यवाही की मांग करेंगे । पवन सिंह जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय गोरक्षा संघ