शाहजहांपुर। बृहस्पतिवार को गरज के साथ बूंदाबांदी होने और उत्तर-पश्चिम दिशा से तेज हवा चलने के कारण तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम का मिजाज बदल चुका है। आधी रात के बाद फिर बारिश हो गई। तड़के तीन बजे तक दो घंटे के दौरान 3.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मगर शुक्रवार सुबह बादल छंटे तो धूप निकलने से गर्मी के साथ उमस बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर पर हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जनपद के मौसम में परिवर्तन हुआ है और इस बार यहां दक्षिण पश्चिम मानसून समय से पहले दस्तक दे देगा।
पिछले दो दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव बना है। बृहस्पतिवार को बादल घने होने के साथ कुछ देर बूंदाबांदी हुई तो हवा में नमी बढ़ने से पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया था। बाद में पुरवाई की रफ्तार बढ़ने से बादलों की चादर बिखरी, लेकिन आसमान पर सफेदी झलकती रही। शाम तक बूंदाबांदी थमी रही, लेकिन हवा की गति मंद पड़कर सात से नौ किमी प्रति घंटा तक सीमित हुई तो भूरे बादल फिर से डेरा जमाने लगे। रात करीब एक बजे से फिर बूंदाबांदी होने लगी। बूंदाबांदी रुकने पर सुबह को सूर्योदय के बाद सुबह आठ बजे तक बादल मंडराते रहे।
इससे लगा कि मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिम होने के साथ उसकी रफ्तार भी बढ़कर 12 से 15 किमी प्रति घंटा हो गई। हवा के साथ बादल छिटके तो उनकी ओट से सूरज झांकने लगा। कुछ देर बाद सूर्य की ऊष्मा से बादल छंटे तो रात में हुई बारिश से हवा मेें घुली नमी ने उमस के साथ गर्मी बढ़ाकर जनजीवन को बेहाल करना शुरू कर दिया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार रात मेें बारिश के कारण न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री घटकर 23.6 डिग्री सेल्सियस रह गया, लेकिन दिन में धूप निकलने से पैदा हुई उमस भरी गर्मी के कारण अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री बढ़कर 35.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। चूंकि, हाल ही में कई दिन तापमान 40 से 44 डिग्री तक जा चुका है। इसलिए दिन मेें पारा मामूली चढ़ने पर भी लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस नहीं हुई। शनिवार को दिन भर बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी होने का अनुमान है।
इसलिए समय पूर्व मानसून आने का अनुमान
पर्यावरण विज्ञानी डॉ. विकास खुराना का कहना है कि अरब सागर पर हवा का दबाव कम होने और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव से यूपी के अधिकांश हिस्से पर टर्फ रेखा बन गई है और इसीलिए जनपद समेत आसपास के जिलों के मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है। उन्होंने भारतीय मौसम विभाग और मौसम पर नजर रखने वाली अन्य संस्थाओं की रिपोर्ट का विश्लेषण कर बताया कि इस सप्ताह न केवल मानसून पूर्व की बौछार पड़ेगी, मानसून भी जल्दी आ सकता है। डॉ. खुराना के अनुसार प्रदेश में मानसून के प्रवेश की निर्धारित तिथि 15 से 20 जून है जबकि जनपद में 18 से 22 जून है।