प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी पीपी त्रिपाठी ने भूगर्भ जल के संचयन और संरक्षण को जिले में जल ग्राम का चयन करने के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को तीन दिन के अंदर सर्वे करके आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में ‘हमारा जल-हमारा जीवन’ विषयक गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने ये निर्देश दिए।
प्रभारी सीडीओ ने कहा कि पानी के दुरुपयोग के कारण भूगर्भ जल स्तर लगातार गिर रहा है। सरकार की ओर से जल स्तर को स्थिर करने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रत्येक जिले में जल ग्राम के तौर पानी के सर्वाधिक संकट का सामना करने वाले गांव का चयन किया जाना है। चयनित गांव को एक वर्ष के भीतर जल संसाधनों से परिपूर्ण बनाया जाएगा। बैठक मेें डीआरडीए के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रमनि, पॉवर कारपोरेशन व सिंचाई विभाग के एक्सईएन आदि मौजूद रहे।