शाहजहांपुर/मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा में उफान तेजी से कम होने लगा है। बीते 24 घंटों के दौरान कलान के भैंसार बांध पर गंगा 31 सेमी और अल्हागंज क्षेत्र में डबरी घाट पर रामगंगा नदी 15 सेमी घट गई। गंगा के जलस्तर में कमी आने के साथ जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे से शनिवार को सुबह पानी उतर गया। कई गांवों के संपर्क मार्ग भी खुल गए, लेकिन पानी से घिरे तटीय गांव अब भी बाढ़ की दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंंत्रण कक्ष से मिली सूचना के अनुसार शनिवार को सुबह गंगा खतरे के निशान से 66 सेमी नीचे 142.99 मीटर गेज पर और रामगंगा खतरे के निशान से 97 सेमी नीचे 136.33 मीटर गेज पर आ गई। गंगा के जलस्तर में कमी आने से शमसाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास भरा पानी उतर जाने से यातायात सामान्य होने लगा है।
नगला बसोला सहित कई गांवों के संपर्क मार्गों से भी पानी हट चुका है। उधर, रामगंगा के जलस्तर में कमी से तटीय गांवों के लोगों को भूमि कटान फिर से शुरू हो जाने की आशंका है। परौर क्षेत्र के मोहनपुर में कटान थमा हुआ है, लेकिन तटवर्ती खेत पहले की तरह डूबे हुए हैं।
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भरतौली में कटान रोकने के लिए ड्रोन मैपिंग
अल्हागंज (शाहजहांपुर)। रामगंगा नदी के कटान से प्रभावित भरतौली गांव को बचाने के लिए नदी की धारा बदलने की संभावना पर सर्वे शुरू किया गया है। शनिवार शाम विधायक हरिप्रकाश वर्मा की मौजूदगी में नदी और कटान प्रभावित क्षेत्र की ड्रोन मैपिंग कराई गई।
विधायक ने शारदा नहर विभाग के जेई को जल्द सर्वे पूरा कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। रविवार को विभागीय टीम नदी के दूसरी ओर से भी ड्रोन मैपिंग करेगी। दोनों ओर के आंकड़ों के आधार पर नदी के बहाव, कटान वाले क्षेत्र और धारा स्थानांतरित करने की तकनीकी संभावना का आकलन किया जाएगा।
गांव में फिलहाल कटान रोकने के लिए बम्बू क्रेट लगाए गए हैं। बांस की संरचनाओं में ईंट-पत्थर भरकर नदी किनारे लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे कटान पर काफी हद तक रोक लगी है, लेकिन बरसात में जलस्तर बढ़ने के साथ फिर खतरा बन जाता है। विधायक ने कहा कि मैपिंग रिपोर्ट के आधार पर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में सिंचाई मंत्री से भी वार्ता की जाएगी। इस दौरान विधायक ने 15 लोगों को राशन किट का वितरण भी किया। संवाद