सिंचाई विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार रात आठ बजे की रिपोर्ट खन्नौत नदी का जलस्तर 145.15 मीटर गेज था। खतरे का निशान 145.75 मीटर गेज है। नदी का जलस्तर 60 सेमी था। रविवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेमी नीचे रह गया। गर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.70 मीटर नीचे रहा था। खतरे का निशान 148.80 मीटर गेज है।
शनिवार रात को दियूनी बैराज से में 25966 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रविवार को सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार गर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर नीचे रह गई है। वर्तमान में गर्रा नदी का जलस्तर 1455.40 मीटर गेज है। दोनों नदियों को लगातार जलस्तर बढ़ रहा है।
सितंबर में सामान्य से तीन गुना से ज्यादा बारिश
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि सितंबर में सामान्य बारिश 164 मिलीमीटर होती है, जबकि इस महीने अब तक करीब 500 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। पिछले 40 घंटे में ही 255 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश की संभावना अभी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सात सितंबर को भी 12 घंटे में 224 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। संस्थान के पास वर्ष 1986 तक उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 12 घंटे में इतनी अधिक बारिश पहले दर्ज नहीं हुई थी। वर्ष 2013 की जुलाई में 12 घंटे में 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।