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1500 मतदाता एक पोलिंग बूथ पर हो सकेंगे समायोजित

Mon, 20 Jun 2016 08:13 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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 भारत निर्वाचन आयोग ने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा सामान्य निर्वाचन के लिए मतदेय स्थलों के विभाजन की नई गाइड लाइन जारी कर दी है। इसके तहत विशेष परिस्थितियों में एक बूथ पर अधिकतम 1500 मतदाता समायोजित किए जा सकेंगे। इससे अधिक मतदाताओं को नजदीकी बूथों पर शिफ्ट किया जाएगा, लेकिन उनके स्थानान्तरण में क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियों का ध्यान रखा जाएगा। डीएम पुष्पा सिंह ने इस संबंध में पत्रकारों को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर से जारी नवीनतम दिशा निर्देशों का विवरण देने के साथ प्रशासन की आगामी कार्य योजना बताई। बता दें कि राष्ट्रीय निर्वाचक नामावलियों के परिशोधन अभियान के तहत विधानसभा की निर्वाचक नामावलियों में संशोधन किया जा रहा है। इसी संशोधन के आधार पर विधानसभा क्षेत्र वार मतदेय स्थलों का विभाजन भी किया जाना है। डीएम के अनुसार जिले की निर्वाचक नामावलियों में विभिन्न प्रकार की 73673 त्रुटियां पाई गई हैं जिनमें फर्जी नामों वाले 47560 प्रकरण संभावित हैं। इनका निस्तारण कराने के साथ निर्वाचन आयोग के नए दिशा निर्देशों के अनुरूप पोलिंग बूथों का विभाजन कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि आयोग ने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में एक बूथ पर विशेष परिस्थितियों में 1500 मतदाता शामिल करने की स्वीकृति दे दी है। ऐसे मतदेय स्थल जहां उसी मतदान केंद्र के अन्य बूथोें पर मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है, वहां नए बूथों का सृजन करने के बजाय भौगोलिक रूप से क्षेत्र की संबद्धता बनाए रखने को वहां के अन्य बूथों पर अतिरिक्त मतदाता समायोजित किए जाने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इस निर्देश के अनुपालन मेें 750 से कम मतदाताओं वाले बूथों का परीक्षण कराने के साथ ऐसे बूथों को अन्य नजदीकी बूथों में विलीन कररने पर विचार किया जाएगा, जहां वोटर संख्या 300 से कम है। डीएम के अनुसार विभाजन प्रक्रिया में ऐसे बूथों को भी शामिल किया जाएगा, जहां मतदाताओं को पहुंचने के लिए नदी, नहर, बीहड़ आदि पार करने पड़ते हैं अथवा जिन बूथों पर पहुंचने के लिए वोटरों को दो किमी और इससे अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। 
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राजनीतिक दलों को बताई बूथ विभाजन प्रक्रिया
डीएम ने अगले साल के चुनाव की तैयारी में जुटे प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार की शाम कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक करके बूथ विभाजन संबंधी आयोग के नए दिशा निर्देशों से अवगत कराया। बैठक में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष तनवीर खां, भाजपा नेता अनुज गुप्ता, बसपा के महासचिव रामरक्ष पाल, कांग्रेस नेता कृष्ण विनोद मिश्र आदि मौजूद रहे। 

तालाबों से कब्जे हटाने को गांवों में लगेंगी चौपाल
डीएम पुष्पा सिंह ने एक वर्ष की प्रशासनिक कार्य योजना का हवाला देते हुए बताया कि मनरेगा के तहत आठ सौ से अधिक तालाबाें की खुदाई कर उन्हें व्यवस्थित रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि 39 ऐसे तालाब चिन्हित किए गए हैं, जिनका आकार ठीक नहीं होने या फिर अवैध कब्जा होने के कारण वहां जरूरी काम नहीं कराए जा सके। ऐसे तालाबों की हालत सुधारने के लिए संबंधित गांवों में बिना किसी पूर्व घोषणा के आकस्मिक चौपालों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर गांव के संबंधित लोगों को बुलाकर तालाब सुधारने में उनका सहयोग लिया जाएगा। 
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गावों में बनेगी विकास पुस्तिका, खुलेंगे ई सुविधा केंद्र
डीएम ने बताया कि गांवों के समग्र विकास को ग्राम पंचायत स्तर पर विकास पुस्तिका प्रकाशित कराने का निर्णय किया किया गया है। इस पुस्तिका में विभिन्न विभागों से प्रस्तावित कार्य और ग्राम निधि का ब्यौरा अंकित होगा। इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर एक-एक ई सुविधा केंद्र खोलने का लक्ष्य है जिससे कि ऑनलाइन आवेदनों की सुविधा ग्रामीणों को घर बैठे मिल सके। डीएम के अनुसार 1077 में से करीब 800 ई सुविधा केंद्र खोले जा चुके हैं। 

350 लेखपाल और 71 आशा वर्कर नियुक्त
डीएम ने प्रशासनिक कार्य योजना का विवरण देते हुए बताया कि हाल ही में जिले मेें 350 नए लेखपालों की नियुक्ति हुई है और ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच बनाने के लिए 71 आशा वर्कर नियुक्त की गई हैं। डीएम ने कहा कि कर्मचारियों की नई टीम से प्रशासन के कई काम आसानी से हो सकेंगे। 

फर्जी लाइसेंसों की सीबीसीआईडी से होगी जांच
पत्रकार वार्ता में पिछले दिनों शस्त्र अनुभाग के ताले तोड़कर वहां के महत्वपूर्ण अभिलेख गायब कर दिए जाने का प्रकरण उठने पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह से ब्रीफिंग ली। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस प्रकरण में कलक्ट्रेट के दो बाबुओं के खिलाफ एफआईआर कराई गई और 194 शस्त्र लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार दूसरे चरण की जांच में फर्जी इंट्री वाले 204 लाइसेंस चिन्हित कर संबंधितों को नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन क्राइम ब्रांच की जांच सुस्त होने के कारण दोषियों पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर डीएम ने कहा कि मामले की पत्रावली का अध्ययन करेंगी और जरूरी हुआ तो मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराई जाएगी।
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