विज्ञान और टेक्रालॉजी के क्षेत्र में वर्ष 2020 तक देश को नई ऊंचाइयां देने का जो सपना पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने देखा, उसे जीएफ कालेज के नीति-नियामकों ने इतनी शिद्दत से अपनाया कि विजन-2020 शैक्षिक क्षेत्र में कालेज की तरक्की का जरिया बन गया। यही वजह है कि उनके इंतकाल की खबर ऑन एयर होते ही कालेज प्रबंध समिति शोक में डूब गई। भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने भी उनके निधन को राष्ट्र की अपूर्णीय क्षति बताया है।
वर्ष में महामहिम का ओहदा संभालने के बाद मिसाइल मैन कलाम ने देश भ्रमण करके नई पीढ़ी तक विजन-2020 पहुंचाया। यही वह वक्त था जब जीएफ कालेज के प्रबंधक सैयद मुईनुद्दीन मियां ने कलाम के दृष्टिकोण को कालेज के धरातल पर उतारने की ठानी। प्राचार्य डॉ. अकील अहमद और तत्कालीन सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर स्व. एसएन अग्रिहोत्री ने विजन-2020 के तहत कालेज को कई उपलब्धियां दी।
प्राचार्य डॉ. अकील के मुताबिक गांधी और कलाम का एक सपना था कि कैसे समाज की आखिरी पायदान पर खड़े आदमी को तरक्की की राह पर लाया जाए। प्रबंधन ने इसके लिए शैक्षिक क्षेत्र चुना और उम्मीद से ज्यादा बेहतर नतीजे मिले। कलाम के विजन की बदौलत कालेज में बायो टेक्रालॉजी, माइक्रो बायो टेक्रालॉजी जैसे नए पाठ्यक्रम आए, प्रयोगशालाएं अपडेट हो गईं और यूजीसी के कई प्रोजेक्ट मिले।
पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देते हुए कालेज के प्रबंधक जनाब मुईनुद्दीन कलाम की नसीहतों में खो गए। बोले, कलाम का कहना था कि कोई भी कामयाबी बाधाओं का सामना किए बगैर नहीं मिलती, इसलिए तरक्की पाने को जरूरी है कि जिंदगी को कई स्टेप में बांट लेना चाहिए। पहला-लक्ष्य, दूसरा उसे पाने की लगातार कोशिश और तीसरा लक्ष्य की प्राप्ति। कालेज उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ उनके विजन को जारी रखने का संकल्प दोहराता है।
उधर, भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की शोक सभा में सभी ने मौन रखकर महान वैज्ञानिक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संगठन के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार मिश्र ने कहा कि कलाम के चले जाने से देश ने अपना सच्चा सपूत खो दिया है। शोक व्यक्त करने वालों में चंद्र प्रकाश मिश्रा, निर्निमेष शर्मा, जितेंद्र शुक्ला, पंकज कुमार आदि शामिल रहे।