शाहजहांपुर में विनोबा सेवा आश्रम में गोष्ठी में बोलते एमएलसी डॉ.जयपाल सिंह व्यस्त। स्रोत: आश्रम
शाहजहांपुर। विनोबा सेवा आश्रम के अहिंसा प्रेक्षागृह में एमएलसी डॉ. जयपाल व्यस्त ने कहा कि संत विनोबा ने अपने नाम का भी आधार छोड़कर रामहरि का आधार लिया। यह कोई विरला सत्पुरुष ही कर सकता है।
गोष्ठी में उन्होंने कहा कि विनोबा जी एक अलौकिक व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। उनसे एक बार किसी ने पूछा कि संस्कृति किसे कहते हैं तो बाबा ने कहा कि जो भूख भर खाए और अपने हिस्से से भी भूखे को खिलाए, यह हमारी संस्कृति है।
आश्रम के संस्थापक रमेश भैया ने बताया कि आश्रम के 44वें स्थापना दिवस पर क्षेत्र के बच्चों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थान देने का निर्णय लिया गया था। 12 जून को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अहिंसा प्रेक्षागृह का लोकार्पण कर सपने को पूरा कर दिया। लाइब्रेरी में करीब सौ युवाओं को यूपीएससी और अन्य परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। संरक्षक विमला बहन, स्वावलंबन इंचार्ज अखिलेश उपाध्याय, सचिव मोहित कुमार, मुदित कुमार, दिनेश चंद्र सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद