सिंधौली के गांव मियांपुर में घायल रवि के पिता। स्रोत : जागरूक पाठक
सिंधौली। बुलंदशहर के पास शुक्रवार को सुबह हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वाले रवि और उनकी मां माधुरी देवी का शनिवार को मियापुर गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। यह कारुणिक दृश्य देखकर ग्रामीण फफक उठे। हादसे में मृतक गांव की बुजुर्ग शिव देवी का शव देर शाम तक यहां नहीं पहुंच सका।
मियापुर गांव के रहने वाले एक ही परिवार 14 लोग पंजाब में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते थे। सभी शुक्रवार को एक डीसीएम से घर लौटते वक्त हादसे की चपेट में आ गए थे। रवि और उनकी मां के शव गांव पहुंचते ही उनके घर से उठने वाले करुण क्रंदन को सुनकर हर कोई द्रवित हो उठा। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और तमाम घरों के चूल्हे भी नहीं जले। मां-बेटा के अंतिम संस्कार में पूरा गांव उमड़ पड़ा और हर आंख नम दिखाई दी।
हादसे से मृतक रवि के घरवाले बेहद विचलित हैं। रवि के बाबा जयराम रोते-रोते बोले कि उन्हें नहीं पता था कि यह दिन भी देखना होगा। उनका तो पूरा परिवार ही छिन गया। बहू और सबसे बड़े पोते की मौत हो गई। बेटा सहित परिवार के जो अन्य लोग बचे हैं, वह भी गंभीर घायल है। ऐसी हालत में कुछ भी समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। रवि के पिता कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं और कुछ पूछते ही रो उठते हैं। रवि की शादीशुदा बड़ी बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है। वह बोली: पिछले रक्षाबंधन पर हम सभी साथ में थे, लेकिन पता नहीं किसकी नजर लग गई जो अगले रक्षाबंधन पर भाई नहीं मिलेगा। बता दें कि रवि आठ भाई-बहनों में दूसरे नंबर के थे। उनके छोटे भाई अजीत, मनजीत, भूरे, कृष्णपाल और बहन बिट्टा देवी घायल हैं।
इस हादसे ने गांव के सभी लोगो को विचलित कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पता नहीं क्या गलती हो गई जो भगवान ने ऐसा दिन दिखाया और पूरा परिवार बर्बाद हो गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव के आसपास रोजगार के अवसर नहीं होने के कारण मेहनत मजदूरी करने के लिए लोग दूर दराज के राज्यों में जाते हैं, लेकिन कमाने की जगह बर्बादी लेकर लौटने पर मन बहुत व्यथित हो गया है।