कांट। क्षेत्र के गांव पिपरोला में 45 वर्षीय मनोहर सिंह उर्फ बलदेव का शव गुरथना गांव में प्रधान के पति के आम के बाग में फंदे से लटकता मिला। वह चार दिन से घर से लापता थे और पड़ोसियाें के दर्ज कराए मुकदमे व नाबालिग बेटियों की परवरिश को लेकर परेशान थे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
परिजनाें ने बताया कि 18 अप्रैल की सुबह करीब सात बजे मनोहर साइकिल से कांट के गांव गुरथना में रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक नहीं आने पर उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मंगलवार सुबह बाग में घूमने गए लोगों को उनका शव गमछे के सहारे फंदे से लटका मिला।
सूचना पर इंस्पेक्टर राकेश मौर्या पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने फोरेंसिक टीम काे बुलाकर साक्ष्य जुटाए। परिजनों के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने कुछ दिन पहले मनोहर व उनके परिजनों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद मनोहर व उनके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसे लेकर वह अवसाद में आ गए। इंस्पेक्टर राकेश मौर्या ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आत्महत्या की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।