गत मार्च माह से ग्रामीण विकास के लिए राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत बजट की ग्राम निधि खातों में न पहुंचने पर पिछले दिनों प्रदर्शन करके भावलखेड़ा ब्लॉक के 38 ग्राम प्रधानों ने डीएम को सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए थे। हालांकि, डीएम शुभ्रा सक्सेना ने ग्राम निधि जल्द जारी होने का आश्वासन दिया, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई प्रगति नहीं होने पर ग्राम प्रधानों ने सोमवार को फिर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में डीएम को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की ओर से ज्ञापन देकर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी।
भावलखेड़ा, ददरौल, खुदागंज, मदनापुर, कांट, सिंधौली आदि विकास खंडों के विभिन्न गांवों से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्राम प्रधान पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में इकट्ठा हुए। वहां से ग्राम प्रधानों का समूह जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। वहां भी जमकर नारेबाजी की। प्रधानों ने ग्राम निधि की धनराशि न मिलने के कारण गांवों के विकास कार्यों में पड़े अवरोध को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्राम प्रधानों की ओर से राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव अजीत कुमार सिंह और जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह डीएम से मिले। उन्हें दिए ज्ञापन में गत 19 अगस्त को सौंपे गए सामूहिक त्याग पत्र के दौरान उनसे मिले मिले आश्वासन का उल्ल्लेख करते हुए कहा कि अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत में राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत धनराशि अभी तक नहीं भेजे जाने से गांवों के तमाम विकास कार्य रुके हैं और उन्हें जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
डीएम को दिए ज्ञापन में ग्राम प्रधानों ने कहा है कि यदि मंगलवार तक ग्राम निधि खातों में धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे आमरण अनशन और भूख हड़ताल करने के साथ विकास खंड कार्यालयों में तालाबंदी करने को बाध्य हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में ओमप्रकाश, चिरंजीव शुक्ला, दाताराम, ओमसरन सिंह, रामभरोसे, श्याम लाल, बिटाना देवी, रामचरन, हाकिम, सोनपाल, भगवान दास, महादेवी, रेशमावती, खुरशीदा बेगम, राकेश चंद्र, ऋषिपाल गंगवार आदि ग्राम प्रधान शामिल रहे।