नवागत सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह ने सोमवार को दोपहर डीआरडीए और विकास भवन के कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान डीआरडीए के टॉयलेट में ताला लगा मिला। अन्य दफ्तरों के टॉयलेट और कई पटल गंदे मिलने पर सीडीओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को एक सप्ताह के अंदर व्यवस्थाएं नहीं सुधारने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीडीओ सोमवार को दोपहर अचानक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय जा पहुंचे। उस वक्त डीआरडीए के सभी पटलों पर काम जारी था। सीडीओ ने वहां के टॉयलेट पर नजर दौड़ाई तो एक टॉयलेट में ताला लटका था। कर्मचारियों ने सफाई दी कि उसे महिला कर्मचारियों के लिए रिजर्व रखा गया है। दूसरे टायलेट से उठती दुर्गंध और दीवारों से पेंट छूटता देख उन्होंने पीडी चंद्रशेखर शुक्ला को उसकी बदहाली दूर कराने का निर्देश दिया। युवा कल्याण, बाल विकास, कृषि, कृषि रक्षा, विकलांग कल्याण आदि दफ्तरों के टॉयलेट गंदे देख नाराजगी जताई।
काम का माहौल बनाना मकसद
‘निरीक्षण का मकसद काम का बेहतर माहौल बनाना है। जिस तरह घरों के टॉयलेट साफ रहते हैं, उसी तरह दफ्तरों की व्यवस्था पर कर्मचारियों को ध्यान देना होगा। माहौल अच्छा होगा तो काम भी बेहतर होगा जिससे परिणाम भी अच्छे मिलेंगे।’
- महेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ