14 सितंबर को बहगुल नदी किनारे बच्ची को बेदर्दों ने जिंदा दफना दिया था
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। 14 दिन बीतने के बाद भी जिंदगी से जंग हार चुकी बच्ची को उसकी पहचान नहीं मिल सकी है। पुलिस की एक टीम लगातार बच्ची को उसकी पहचान दिलाने की कोशिश में जुटी हुई है।
14 सितंबर की सुबह करीब नौ बजे जैतीपुर थाना क्षेत्र के गौहावर गांव में बहगुल नदी किनारे मासूम मिट्टी में दबी मिली थी। वहां बकरी चरा रहे गांव के डब्लू के जरिये घटना की जानकारी हुई थी। दरोगा इतेश तोमर ने बच्ची को जमीन से बाहर निकालकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया था।
चींटियों के काटने, मिट्टी में दबा रहने की वजह से शरीर में फैले संक्रमण के चलते बच्ची नौवें दिन जिंदगी से जंग हार गई थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी लगे सीसी कैमरे चेक किए। अस्पतालों में जाकर घटना से 15 दिन पूर्व जन्मे बच्चों की जानकारी जुटाई है। थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया कि लगातार बच्ची के परिजनों की तलाश के लिए पुलिस की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।