आश्रम पर बकाया बिजली बिल वसूली को जारी आरसी पर बोले बिटिया के पिता
बिटिया से दुराचार के आरोपी कथावाचक आसाराम के आश्रम के लिए बिटिया के पिता ने ही जमीन उपलब्ध कराकर ट्रस्ट को दान की थी। इस नाते वहां का बिजली कनेक्शन भी उनके नाम पर जारी कर दिया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष के नाते बिटिया के पिता आश्रम का बिजली बिल स्वयं जमा करते रहे। 15 अगस्त 2013 को बिटिया से हुई दुराचार की घटना के बाद आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
बिटिया के पिता के अनुसार तभी से आश्रम में रहने वाले अन्य सेवादार वहां का बिजली बिल जमा करते रहे, लेकिन पिछले कुछ माह से बकाया विद्युत देय अदा नहीं किए जाने पर उनके नाम आरसी जारी कर दी गई। आरसी की वसूली के लिए घर पहुंचे राजस्व कर्मियों से आश्रम में रहने वाले सेवादारों से बिजली देय की धनराशि लेने का आग्रह किया, इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है।
बिटिया के पिता का कहना है कि वह मुकदमे के सिलसिले में बाहर हैं और शहर लौटते ही इस बारे में डीएम से भेंट करके आश्रम की नीलामी करके वहां के बिजली बिल की अदायगी कराने का अनुरोध करेंगे। इधर, तहसीलदार ओंकार नाथ वर्मा ने बताया कि आरसी पर विभागीय वसूली शुल्क मिलाकर कुल 32 हजार 942 रुपये देय हैं।