मजाक बनी गरीबों को कंबल वितरण योजना
प्रशासन की निगाह में पुवायां तहसील में केवल एक हजार गरीब
रोजाना कंबल मिलने की आस में तहसील पहुंचते हैं गरीब
ठंड से गरीबों के बचाव हेतु प्रति वर्ष कंबल वितरण आदि की व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी सर्दी में कंबल वितरण कराए जाने का फैसला लिया गया। प्रशासन ने पुवायां तहसील को गरीबों के लिए एक हजार कंबल उपलब्ध कराए। पुवायां तहसील में 716 गांव हैं। इसके अलावा पालिका परिषद पुवायां और नगर पंचायत खुटार भी हैं। इसके अलावा बंडा और सिंधौली ब्लाक मुख्यालय हैं। ऐसे में प्रति गांव मात्र एक कंबल ही मिल सकेगा। यदि किसी गांव में ज्यादा कंबल वितरित करा दिए तो दूसरे कई गांवों के गरीबों को कंबल नहीं मिल सकेगा।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को गरीबों का सही आंकलन कर कंबल उपलब्ध कराना चाहिए था। एक गांव में एक कंबल बांटकर खानापूर्ति की जा रही है।
कई जगह वितरित नहीं किए कंबल
पुवायां। एक गांव के लिए एक कंबल मिलने से कई लेखपालों ने अपने क्षेत्र के गांवों में कंबल वितरित ही नहीं किए। लेखपालों का कहना है कि एक गांव में एक कंबल दिए जाने से बेवजह का बवाल होगा और लोग तमाम तरह की झूठी शिकायत करेंगे। इससे बेहतर है कि कंबल का वितरण ही न किया जाए। तहसीलदार पुवायां पीएन सिंह ने बताया कि जिला स्तर से कंबल उपलब्ध कराए जाते हैं। पुवायां तहसील के लिए एक हजार कंबल उपलब्ध कराए गए थे, जो वितरित कराए गए हैं। वितरण के लिए कंबल कानूनगो को दिए गए थे। कानूनगो ने लेखपालों के माध्यम से कंबल वितरित कराए हैं।