तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ ही सब्जियों के दाम में भी इजाफा होता जा रहा है। आमतौर पर वस्तुओं की फुटकर कीमतें थोक रेट से 10-20 फीसदी ज्यादा होती हैं लेकिन सब्जियों के बाजार पर फुटकर विक्रेताओं की मनमानी हावी है। रोजा मंडी में सब्जियों की थोक आढ़त और बहादुरगंज की छोटी सब्जी मंडी का जायजा लेने पर सब्जियों के दामों में भारी अंतर दिखा।
थोक विक्रेताओं के अनुसार मंडी टैक्स, तौल, ढुलाई आदि खर्चे निकालने के बाद आलू सात से आठ रुपये किलो के खुदरा भाव पर बिक सकता है। कुछ इसी तरह बाकी सब्जियों के दाम भी तय होते हैं। जबकि फुटकर विक्रेता दाम वसूलने में मनमानी कर रहे। प्याज, मटर, गोभी, टमाटर आदि सब्जियों के थोक व फुटकर दामों में डेढ़ से दोगुना अंतर है।
अमूमन मंडियों में सभी सब्जियों के दाम एक समान रहते हैं लेकिन बहादुरगंज की छोटी सब्जी मंडी इसका अपवाद है। बहादुरगंज वाले मुहाने वाली सड़क के दोनों ओर फड़ लगाए विक्रेता टमाटर 50 से 60 रुपये किलो तक बेच रहे हैं तो इसी मंडी में आर्य कन्या पाठशाला गेट के आगे बैठने वाले विक्रेता टमाटर 30 से 40 रुपये किलो बेच रहे हैं।
थोक और फुटकर दाम एक नजर में
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सब्जी थोक रेट फुटकर रेट
आलू 6.00 10.00
प्याज 15.00 25.00
टमाटर 20.00 40.00
मटर 20.00 30.00
गोभी 10.00 20.00
पात गोभी 10.00 20.00
लहसुन 40.00 100.00
(कीमत रुपये और मात्रा किलोग्राम में है)