माध्यमिक कॉलेजों के डेटा कैप्चर फार्म जमा करने के मामले में डीआईओएस की चेतावनी का कुछ कॉलेजों पर ही असर हुआ, बाकी आधे से अधिक कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के जूं तक नहीं रेंगी है। डीआईओएस ने फार्म जमा नहीं करने वाले कॉलेजों की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई के लिए फाइल तैयार करने के निर्देश मंगलवार को पटल सहायक को दे दिए हैं।
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि डेटा कैप्चर फार्म समय से नहीं मिलने से स्कूल-कॉलेजों की जानकारी शासन और विभाग को नहीं पहुंच पा रही है। कई बार तारीखें बढ़ाने और प्रधानाचार्यों को दिशा निर्देश के साथ कड़ी चेतावनी के बावजूद सौ से अधिक वित्तविहीन कॉलेजों ने डेटा कैप्चर फार्म जमा नहीं किए। इसके लिए उन्हें पांच जनवरी तक अंतिमवार मौका दिया गया था। इस अवधि में करीब 54 कॉलेजों के संबंधित फार्म कार्यालय में जमा हो गए, लेकिन अभी भी लगभग 70 कॉलेज ऐसे बचे हैं, जिन्होंने अपनी मनमानी करते हुए फार्म जमा करना जरूरी नहीं समझा।
डीआईओएस ने बताया कि इन कॉलेजों की मान्यता प्रत्याहरण करने के लिए सूची तैयार करने के निर्देश पटल सहायक को दे दिए गए है, ताकि विभागीय और शासकीय कार्यों की अवहेलना करने के आरोप में अग्रेतर कार्रवाई शुरू की जा सके। सूची तैयार होते ही ऐसे कॉलेजाें की मान्यता खत्म करने की फाइल तैयार कर प्रबल संस्तुति की जाएगी। डीआईओएस ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ वित्तविहीन शिक्षण संस्थाएं अपनी मनमानी से छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं, जिसे किसी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।