शाहजहांपुर। मक्कू बजरिया में भुइयार बाबा देव स्थान के पास विवादित जमीन पर निर्माणाधीन बरातघर में सोमवार रात शिवलिंग और नंदी की मूर्ति की स्थापना के बाद जमकर हंगामा हुआ। मंगलवार सुबह पूजापाठ का विरोध शुरू होने पर पुलिस ने लोगों को समझाकर दोनों को थाने ले जाने के लिए अपनी गाड़ी में रखवा लिया। इससे भड़कीं महिलाओं ने गाड़ी के सामने खड़े होकर विरोध किया तो पुलिस ने शिवलिंग व मूर्ति मोहल्ले वालों के सुपुर्द कर दी।
जमीन को लेकर क्षेत्रीय पार्षद शिवओम सक्सेना का दावा है कि यह नगर निगम की है। इस पर विधायक निधि से 25 लाख की लागत से बरातघर का निर्माण हो रहा है। इसका वर्कऑर्डर भी उनके पास है। जबकि मोहल्ले वाले जमीन देवस्थान की बता रहे हैं। वर्तमान में जमीन का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।
सोमवार रात में निर्माणाधीन बरातघर के अंदर किसी ने पक्का चबूतरा बनाकर शिवलिंग और नंदी की मूर्ति स्थापित कर दी। सुबह मोहल्ले के लोगाें ने पूजापाठ शुरू कर दिया। जानकारी पर पार्षद ने इसका विरोध किया। विवाद होने पर सदर बाजार थाना प्रभारी राजीव कुमार टीम के साथ पहुंच गए।
पुलिस ने मोहल्ले वालों को काफी देर तक समझाया। लोग मान गए। इस बीच पुलिस ने शिवलिंग और नंदी की मूर्ति हटवाकर अपनी गाड़ी में रखवा ली। पुलिस गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए तैयार हुई तो महिलाएं गाड़ी के सामने खड़ी हो गईं और शिवलिंग व मूर्ति ले जाने से रोकने लगीं। इस दौरान पुलिस कर्मियों और महिलाओं के बीच जमकर कहासुनी हुई। बाद में पुलिस ने देवस्थान पर शिवलिंग व मूर्ति रखने के लिए मोहल्ले वालों के सुपुर्द कर दी।
हिंदू जागरण मंच ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन
दोपहर में हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत और सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों पक्षों से वार्ता की। इस बीच मंच के पदाधिकारियों ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते हुए बताया कि मोहल्ला मक्कू बजरिया स्थित देवस्थान बहुत प्राचीन है। आरोप है कि पार्षद ने गुमराह कर मोहल्ले वासियों से सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। देवस्थान की भूमि है, देवालय की ही रहेगी और मंदिर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। आरोप है कि पार्षद शिवओम सक्सेना देवास्थान की भूमि को किसी अन्य के नाम पर दर्ज कराकर बरातघर बनवा रहे है। बरातघर में दूसरे समुदाय के लोग भी कार्यक्रम करेंगे। इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। मांग की गई कि कमेटी बनाकर जमीन की जांच कराई जाए। इस दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव राजेश अवस्थी, महानगर संयोजक गोविंद मिश्रा, जिला सहसंयोजक संतोष विश्वकर्मा, सुरतीज सिंह, सुनील कुमार, विवेक पाल, अभयराज सिंह, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा बरातघर का निर्माण करा रही है। पूर्व में जांच कराने पर नगर निगम की जमीन निकली थी। इसे अतिक्रमण मुक्त कराकर सुरक्षित रखने के लिए बरातघर का निर्माण कराया जा रहा है। लोगों के आरोप पर पुन: तहसील स्तर पर दोबारा से जांच कराएंगे।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
कमेटी बनाकर जमीन की जांच की जाएगी। जांच कमेटी बनाने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की गई है। फिलहाल मौके पर यथास्थिति बरकरार है।
- रजनीकांत, सिटी मजिस्ट्रेट
अधिकारियों के साथ मौके पर गए थे। राजस्व विभाग और नगर निगम के अधिकारियों से जमीन को लेकर वार्ता की जाएगी। दोनों पक्षों को समझा दिया गया है।
-देवव्रत वाजपेयी, सीओ सिटी
जमीन नगर निगम की है। बरातघर बनाने के लिए वर्कआर्डर जारी किया गया है। विधायक निधि से बरातघर को बनवा रहे हैं। उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं।
- शिवओम सक्सेना, पार्षद
मोहल्ला मक्कू बजरिया में हंगामे के दौरान पुलिस की गाड़ी के सामने से महिलाओं को हटाती महिला पुलि