तिलहर/ मीरानपुर कटरा। तहसील क्षेत्र के गांव बतलैया की गोशाला में पंद्रह दिन में तीन गायों की मौत की सूचना पर जिले से पहुंचे राष्ट्रीय गोरक्षक दल के कार्यकर्ताओं की ग्राम प्रधान से काफी नोकझोंक हुई। हंगामा खड़ा होने की सूचना पर नायब तहसीलदार और थानाध्यक्ष कटरा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। गोरक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने प्रधान पर पशुओं की देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए मौत का जिम्मेदार ठहराया। मरे हुए पशुओं के कंकाल गोशाला के पीछे मैदान में पड़े होने पर देखकर कार्यकर्ता फिर भड़क उठे।
थानाध्यक्ष के समझाने बुझाने पर मामला शांत हुआ। मैदान में पड़े गोवंशीय पशुओं के अवशेषों को जेसीबी मशीन लगाकर गड्ढे में दफन कराया गया। तहसीलदार ने भी प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। गोरक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने डीएम से प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को सुबह राष्ट्रीय गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष राजीव अरोड़ा और जिला प्रमुख दीपक गुप्ता के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता गांव बतलैया स्थित गोशाला पहुंच गए। जिला प्रमुख दीपक गुप्ता ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गोशाला पर गोकशी हो रही है, इसी का निरीक्षण करने वह कार्यकर्ताओं के साथ जब गोशाला पहुंचे। तब वहां गेट पर ताला लगा हुआ था। गायें धूप में मैदान में खड़ी थी। अंदर टीनशेड भी बंद था। गेट खुलने के बाद अंदर जाने पर आया कि जानवरों की चन्नी खाली पड़ी है। उसने कई दिन से चारा नहीं पड़ा है। इस बीच गोरक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने जब प्रधान पर आरोप लगाने शुरू किए तब प्रधान और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। गहमागहमी बढ़ने पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस और तहसील प्रशासन को फोन कर दिया। सूचना पर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह लेखपाल तरुण मिश्रा और थानाध्यक्ष कटरा हरिपाल सिंह बालियान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष राजीव अरोड़ा और जिला प्रमुख दीपक गुप्ता ने प्रधान पर गायों की देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए गायों की मौत के लिए प्रधान को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने मौका मुआयना करते हुए रिपोर्ट तैयार की। उधर, थानाध्यक्ष बालियान ने गोरक्षक दल के कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज किए। इस बीच गोशाला के पीछे गेट खुलवा कर देखा गया तब मैदान में गायों के तमाम कंकाल पड़े हुए थे। जिसे देखकर गोरक्षक दल के कार्यकर्ता एक बार फिर भड़क गए। तीन दिन पहले मृत हुई गाय का चेहरा केवल मिट्टी में ढके होने और शव खुला होने साथ ही मैदान में कुत्ते घूमते पाए जाने को लेकर गोरक्षक दल कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। इस बीच थानाध्यक्ष बालियान ने कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया और उन्होंने कटरा से जेसीबी मशीन मंगाकर मैदान में गड्ढा खुदवाकर गायों के शव और अवशेषों को दफन कराया।
गोशाला पर गोकशी की सूचना मिली थी इसलिए रविवार को गौ रक्षा दल के कार्यकर्ता निरीक्षण के लिए आए थे, लेकिन यहां पर कई गाय पिछले दिनों प्रधान की लापरवाही से मर चुकी हैं। प्रधान ने मृत गायों को मिट्टी में ठीक से दफन नहीं कराया उनके शव खुले मैदान में पड़े रहे जो कंकाल के रूप में मौजूद है। गायों को कई दिन से चारा नहीं खिलाया गया। और पानी भी नहीं पिलाया गया। जिसके कारण पशु दम तोड़ रहे हैं। प्रधान और सेक्रेटरी पैसे का बंदरवाट कर रहे हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - दीपक गुप्ता, जिला प्रमुख राष्ट्रीय गोरक्षक दल शाहजहांपुर।
लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। जानवरों की देखभाल के लिए कर्मचारी मौजूद है वह कल शादी में गया था आज सुबह चारा डालने में देरी हुई है। कुछ दिन पहले एक और सांड ने 5 गायों को घायल कर दिया था, जिसमें दो गायों की मौत 10 दिन पहले हो गई थी। तीन दिन पहले एक और गाय की मौत हुई है। गायों के शव को पीछे मैदान में गड्ढा खोदकर गढ़वा दिया था। पिछले 1 साल से अब तक मूसा और कर्मचारी को लेकर लगभग एक लाख रुपया मिला है। जबकि इससे तिगना पैसा अपने पास से लगा चुके हैं। प्रधान ने गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं पर आक्रोश जताया है। - बाजी लाल, प्रधान ग्राम पंचायत बतलैया।
ग्राम प्रधान गायों को चारा नहीं खिला रहा है। गायों की चन्नी खाली थी। ऐसा प्रतीत होता जैसे चन्नी में कई दिन से चारा नहीं डाला गया। गौशाला के पीछे मैदान में मृत गाय को ठीक से नहीं गडवाया। मैदान में कुत्ते अवशेषों को नाच रहे थे। प्रधान ने मौके पर काफी दवंगयी दिखाई है। कटरा से जेसीबी मशीन मंगा कर मैदान में गड्ढा खोदकर अवशेषों को दफना दिया गया है। बताया की जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। अग्रिम कार्रवाई उनके स्तर से की जाएगी। - ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार तिलहर।
गौशाला में प्रधान की व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई। कुपोषण के कारण गायों की मौत होना प्रतीत होता है। गौरक्षा दल के कार्यकर्ता और प्रधान के बीच नोकझोंक होने पर मैंने जेसीबी मशीन मंगा कर गायों के अवशेष और शव को मिट्टी में गड्ढा खोदकर दफन करा दिया है। एसडीएम महोदय मामले में आदेश करते हैं तब दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - हरपाल सिंह बालियान थानाध्यक्ष कटरा।
मामला संज्ञान में आया है। नायब तहसीलदार ने जांच की है। उसके बाद वीडीओ को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर।
एसडीएम महोदय ने जांच के लिए कहा है। मैं दूसरी जगह व्यस्त हूं। मैंने क्षेत्रीय सेक्रेटरी पवन गंगवार को गांव जांच के लिए भेजा है। - ऋषि कांत अहिरवार, वीडीओ तिलहर।