शाहजहांपुर नगर निगम की मेयर सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार देर शाम प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी। सपा ने अर्चना वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। कई दिनों के मंथन के बाद जातीय समीकरण को हल करने के सपा ने अर्चना वर्मा को मैदान में उतारा है। ऐसा माना जा रहा है कि यादव और मुसलमान सपा के पारंपरिक वोटर हैं। अर्चना वर्मा को टिकट देकर किसान वोटर भी पार्टी अपने पक्ष में कर लेगी।
सपा से पूर्व विधायक राजेश यादव की पत्नी अंजना यादव और पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की बहू पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना वर्मा ने आवेदन किया था। सियासी हलकों में चर्चा थी कि इन्हीं दोनों में से किसी को सपा प्रत्याशी बनाया जा सकता है। देर रात को सपा ने महापौर सीट को लेकर आठ नामों की घोषणा कर दी है। इसमें शाहजहांपुर से पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की पुत्रवधू अर्चना वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है।
राजनीतिक पंडित अर्चना को चुने जाने की मुख्य वजह किसान (लोध) वोट बताते हैं। शहर में करीब 20000 से ज्यादा किसान बिरादरी का है। अर्चना के आने से भाजपा में जाने वाले वोटों में काफी कटौती होगी। दूसरा यह भी अर्चना खुद राजनीतिक रूप से अंजना से ज्यादा सक्रिय हैं।
राजनीतक घराने का मिला लाभ
अर्चना वर्मा 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं। वह चार बार विधायक और सपा सरकार में मंत्री रहे राममूर्ति वर्मा के बेटे राजेश वर्मा की पत्नी हैं। राजेश वर्मा 2022 के विधानसभा चुनाव में ददरौल सीट से सपा के प्रत्याशी थे।
फिर सपा और भाजपा में होगी टक्कर
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और सपा के बीच करीबी मुकाबला रहा था। भाजपा के कद्दावर नेता सुरेश कुमार खन्ना ने सपा के तनवीर खां को 9,313 वोटों से हराया था। सपा को करीब एक लाख वोट मिले थे। नगर निगम के चुनाव में भी सपा और भाजपा के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है। इसी वजह से सभी की नजर मेयर पद के लिए दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों पर टिकी हुई है।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने बताया कि पार्टी ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना वर्मा को टिकट दिया है। पूरी पार्टी दमदारी के साथ उन्हें चुनाव लड़ाएगी।
सपा प्रत्याशी अर्चना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भरोसा जताया है। जनता के सहयोग से उनके भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। जनता के आशीर्वाद से चुनाव को जीतेंगे।