शाहजहांपुर। स्कूल बस पलटने से तीन बच्चों समेत 21 लोगों के घायल होने के मामले में एआरटीओ की जांच में सामने आया है कि बस को अप्रशिक्षित चालक चला रहा था। एआरटीओ की तहरीर पर बस चालक, स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ निगोही थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
शाहजहांपुर मार्ग पर स्थित भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा के कार्यालय के पास बुधवार की दोपहर सुभद्रा देवी महेशचंद्र बालिका इंटर कॉलेज की स्कूली बस सामने से आ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर पलट गई थी। हादसे में तीन विद्यार्थियों समेत 21 लोग घायल हो गए थे।
एआरटीओ हरिओम ने निगोही थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि ट्रैक्टर जलालाबाद के गांव रुकनपुर रफियाबाद के अब्दुल खालिद के नाम पंजीकृत है। उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में उपबंध है कि विद्यालय वाहनों के वैध प्रपत्र रखने की जिम्मेदारी विद्यालय की होती है।
इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि स्कूली वाहन के चालक के पास व्यावसायिक वाहन चलाने का कम से कम पांच वर्ष पुराना लाइसेंस एवं अनुभव होना आवश्यक है। जिस वाहन से हादसा हुआ, उसका चालक निगोही के मिश्रीपुर का रहने वाला अंकुर सिंह था। उसका व्यावसायिक लाइसेंस मात्र दो वर्ष पहले बना था।
इसके बावजूद स्कूल प्रबंधक ने उससे बस चलवाई। वैध लाइसेंस न होने के बावजूद चालक ने स्कूल वाहन को लापरवाही व उतावलेपन से चलाते हुए बस में सवार लोगों के जीवन के लिए संकट पैदा किया। स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने ज्यादा लाभ कमाने के उद्देश्य से अनट्रेंड चालक से बस को चलवाया, जिससे यह दुर्घटना हुई। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
परिवहन विभाग फिर से करेगा सख्ती
निगोही में हुए हादसे के बाद परिवहन विभाग ने फिर से सख्ती के साथ दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी की है। एआरटीओ प्रवर्तन हरिओम ने बताया कि विद्यालय यान समिति की बैठक जल्द ही होने वाली है। इसमें दोबारा से स्कूल बसों पर लागू होने वाले नियमों के बारे में अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षित चालक के साथ ही पुराना लाइसेंस, चरित्र सत्यापन आदि प्रमुख बिंदु हैं, जिस पर अमल होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक स्कूल को पोर्टल पर अपलोड कर लिया गया है। संबंधित से शपथ भी ली गई है कि इन वाहनों के अलावा कोई बच्चों को लाने या ले जाने के लिए वाहन नहीं है।