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बेमौसम बारिश ने फिर किसान को रुलाया

Sun, 15 Mar 2015 11:00 PM IST
शाहजहांपुर।
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शनिवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी रविवार सुबह तक होती रही। इसके बाद कुछ समय के लिए मौसम साफ हुआ, लेकिन दोपहर में फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। इससे लोग घरों से नहीं निकल पाए, जिससे संडे का मजा किरकिरा हो गया।
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बे-मौसम की बारिश ने पहले तो किसानों को तबाह कर दिया। अब इससे शहरी जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। रविवार को दिन में हुई बारिश में विभिन्न कामों से घरों से निकले लोग भीगते हुए नजर आए। रिक्शा, पैदल चालक, साईकिल सवार, बाइक चालक रिमझिम बारिश में खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आए।
अपने मिजाज के अनुसार बदले मौसम ने कभी धूप खिलाकर लोगों को राहत दी, तो कभी बारिश करके परेशानी खड़ी कर दी। बारिश होने का क्रम रात तक जारी रहा है। इससे शाम को भी लोग घरों से नहीं निकल पाए। रविवार शाम पांच बजे तक आठ मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पारे में करीब छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
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बारिश से परीक्षा की तैयारियां प्रभावित
परिषदीय स्कूलों में सोमवार से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। रविवार को दिन भर हुई बारिश से प्रधानाध्यापक परीक्षा की तैयारियां नहीं कर सके। अधिकांश परिषदीय स्कूलों में परीक्षा की तैयारियों के लिए शिक्षक नहीं पहुंच सके।

आज साफ रहेगा मौसम
रविवार शाम तक आठ मिलीमीटर बारिश हुई। इस वजह से अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री घटकर 24.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यादव ने सोमवार को मौसम बहुत साफ न होने की आशंका जाहिर की है।
- सुरेंद्र सिंह यादव, मौसम विश्लेषक, गन्ना शोध परिषद



26 लाख मीट्रिक टन गेहूं बारिश की भेंट चढ़ने की आशंका
बेमौसम बरसात जारी रहने से रबी सीजन की प्रमुख फसलों में शुमार गेहूं की पैदावार घटने की आशंका बढ़ती जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहा तो गेहूं की पैदावार में प्रति हेक्टेयर पांच से आठ क्विंटल तक गिरावट आ सकती है। ऐसी दशा में करीब 26 लाख मीट्रिक टन गेहूं कम पैदा होने की आशंका है।
चालू रबी सीजन मेें 2.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई की गई। पिछले सीजन को देखते इस बार भी प्रति हेक्टेयर 40 से 42 क्ंिवटल गेहूं पैदावार का आकलन किया गया, लेकिन इस अनुमान को बेमौसम की बारिश ने धो डाला। कृषि विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि अब तक की बारिश से प्रति हेक्टेयर करीब पांच क्विंटल गेहूं कम पैदा होने के आसार हैं।
अफसरों का यह अनुमान केवल 25 फीसदी फसली क्षति की आरंभिक रिपोर्ट पर आधारित है। किसानों की मानें तो बारिश के साथ तेज हवा से करीब 40 फीसदी फसल खेत में गिर चुकी है। बारिश का दौर नहीं थमा और खेत नहीं सूखे तो गिरी हुई बालियों में गेहूं दाना काला पड़ना तय है और ऐसी दशा में अनुमानित 1.02 करोड़ मीट्रिक टन सकल गेहूं उत्पादन में करीब 26 लाख मीट्रिक टन की गिरावट आ सकती है।
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