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यूनाइटेड स्प्रिट्स के जीएम और एओ का पुतला फूंका

Fri, 06 Nov 2015 08:22 PM IST
शाहजहांपुर।
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अस्थायी श्रमिकों के स्थायीकरण और काम से हटाए गए पुराने श्रमिकों को पेंशन सहित अन्य देयकों की भुगतान संबंधी मांगों को लेकर यूनाईटेड स्प्रिट्स लिमिटेड के गेट पर 96 दिन से अनशन कर रहे श्रमिकों ने शुक्रवार को तीखे तेवर अपना लिए। उन्होंने मिल गेट बंद करके कार्यरत श्रमिकों की आवाजाही रोक दी। यही नहीं, प्रधान प्रबंधक मनोज कुमार जैन और प्रशासनिक अधिकारी दशरथ मिश्रा के पुतले फूंके। इस बीच, श्रमिकों की पंच समिति के अध्यक्ष दिनेश पाल सिंह ने बाल मुकुंद और राजू पांडेय को अनशन पर बिठाया।
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करीब तीन माह पहले प्रबंध तंत्र के आदेश पर तमाम अस्थायी श्रमिकों को कार्यमुक्त कर दिया था। यही नहीं, प्रबंधन ने पुराने श्रमिकों को भी 60 वर्ष अधिवर्षता आयु पूरी होने का हवाला देते हुए उन्हेें पेंशन और अन्य लाभ दिए बगैर बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसी के विरोध मेें श्रमिकों की पंच समिति फैक्ट्री गेट पर धरना-प्रदर्शन और अनशन पर डटी है। हालांकि, बीच में प्रबंध तंत्र ने निकाले गए श्रमिकों को कुछ धनराशि एकमुश्त देने का प्रस्ताव रखा।
पंच समिति ने प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा दिया कि पूरा जीवन फैक्ट्री की सेवा में लगा देने वाले श्रमिकों को पेंशन और भविष्य निधि दी जाए। दूसरा विकल्प प्रति श्रमिक दस लाख रुपये दिए जाने का रखा, जिसे प्रबंध तंत्र ने कोई भाव नहीं दिया। नतीजे में श्रमिकों का अनशन जारी रहा। इस बीच, कांग्रेस सहित सपा और भाजपा के नेताओं ने अनशन स्थल पर जाकर मांगों का समर्थन किया। इससे मिल प्रबंधन पर दबाव बना और जीएम ने पांच नवंबर तक बोनस भुगतान करने का वायदा किया।
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नियत तिथि बीतने के बावजूद बोनस भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर श्रमिकों में गुस्सा भड़क उठा। अन्य दिनों की अपेक्षा शुक्रवार को सुबह से बड़ी संख्या में श्रमिक फैक्ट्री गेट पर जमा होने लगे। वहीं पर उन्होंने जीएम जैन और एडमिनिस्ट्रेटिव आफीसर दशरथ मिश्रा के पुतले तैयार किए। इस बीच, श्रमिकों की पंच समिति के अध्यक्ष दिनेश पाल सिंह ने फैक्ट्री गेट बंद करा दिया और श्रमिकों ने पुतलों को आग के हवाले कर दिया।
इस मौके पर पंच समिति के मंत्री रामशंकर वर्मा ने कहा कि धनाभाव के चलते इलाज नहीें हो पाने से श्रमिक रामनरेश की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रबंध तंत्र ने कोई तवज्जो नहीं दी। अब अनशनकारियों के समर्थन में धरना देने वाले अस्थाई श्रमिक अहिपाल सिंह की स्थिति खराब है। श्रमिक नेता ने कहा कि यदि किसी श्रमिक की जान पर बनी तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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