आक्रोशित कर्मचारियों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर किया प्रदर्शन
मृतक आश्रित को नौकरी देने की कर्मचारी कर रहे मांग
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर, एमएलसी संजय, एसडीएम सदर तिवारी पहुंचे
यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड के कर्मचारी की बीमारी के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत की खबर से आक्रोशित कर्मचारियों ने मृतक आश्रित को नौकरी पर रखे जाने के लिए अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई सही जवाब नहीं मिलने से कर्मचारियों ने फैक्ट्री के सामने शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। देर रात तक कर्मचारियों और मैनेजमेंट में कोई समझौता नहीं हो सका था। इस बीच सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, एमएलसी संजय कुमार मिश्र, एसडीएम सदर अजय तिवारी भी मौके पर बने हुए हैं। उनकी मैनेजमेंट से वार्ता चल रही है।
जानकारी के अनुसार यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड के स्थाई कर्मचारी रंगीलाल पुत्र रामलाल करीब एक माह से बीमार चल रहे थे। शनिवार अपरान्ह दो बजे के आसपास उनकी मौत हो गई। इधर, फैक्ट्री के प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारी लगातार क्रमिक अनशन भी चला रहे हैं। रंगीलाल की मौत का समाचार सुनकर क्रमिक अनशन पर बैठे कर्मचारियों ने महिलाओं के साथ वहां प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और मृतक के पुत्र को नौकरी देने की मांग करने लगे। इस बीच फैक्ट्री के महाप्रबंधक एमके जैन से उनकी वार्ता भी हुई, जिसमें श्री जैन से उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए फैक्ट्री में रोजा, सेहरामऊ दक्षिणी, आरसी मिशन और थाना कोतवाली की पुलिस भी बुला ली गई। पुलिस के अलावा एसडीएम सदर अजय तिवारी, सीओ सदर भी मौके पर रहे।
1. फैक्ट्री के परमानेंट कर्मचारी की बीमारी से मौत हो गई है। वह कई महीनों से पीलिया से ग्रस्त था। फैक्ट्री में कुछ कर्मचारी पहले से ही अनशन कर रहे हैं। इन लोगों ने मृतक कर्मचारी का शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मृतक आश्रित को नौकरी के बारे में कोई भी स्टेटमेंट नहीं दे सकता और ना ही इसके लिए मेरे पास कोई अथारिटी है। -- दशरथ मिश्रा, एचआर हेड, यूनाइटेड स्प्रिट्स लि.।
2. वर्ष 2014 में वर्कर्स यूनियन और मैनेजमेंट में कई शर्तों पर रजिस्टर्ड समझौता हुआ था, जो जून 2019 तक लागू रहना है। इसमें विभिन्न शर्तों के साथ यह शर्त भी है कि वर्कर के रिटायरमेंट, रिजाइन तथा मौत हो जाने पर उसके आश्रित को नौकरी दी जाएगी। मैनेजमेंट अब इसे मानने को तैयार नहीं है। समझौते के तहत यह व्यवस्था भी है कि विदाउट पे अवकाश पर रहने वाले कर्मचारी को एचआर समेत कई अन्य भत्ते दिए जाते हैं, लेकिन रंगीलाल को वह भी नहीं दिए जा रहे थे एवं पैसों के अभाव में उसका समुचित इलाज नहीं हो पाया और उसने दम तोड़ दिया। -- तौसीफ, मंत्री सीटू यूनियन