पारंपरिक कार्यों से जुड़ी 11 ट्रेड के साथ 14 नए आधुनिक ट्रेड भी जोड़े गए
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का अब विस्तार किया गया है। शासन ने योजना का नया स्वरूप विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 शुरू किया है। इसके तहत पारंपरिक कारीगरों और नए क्षेत्रों से जुड़े लोगों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट के साथ अब स्वरोजगार के लिए ऋण की सुविधा भी मिलेगी।
अब तक योजना के तहत लाभार्थियों को 10 दिन का निशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाता था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें टूलकिट या आवश्यक उपकरण भी निशुल्क उपलब्ध कराए जाते थे। नई व्यवस्था में इन सुविधाओं के साथ 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस ऋण पर ब्याज नहीं देना होगा।
योजना के तहत पारंपरिक कार्यों से जुड़े 11 ट्रेड के साथ 14 नए आधुनिक ट्रेड को भी शामिल किया गया है। इनमें दूध विक्रेता, मछुआरा, मोबाइल विक्रेता और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा सोलर और डिजिटल फोटोग्राफी जैसे नए क्षेत्रों को भी योजना से जोड़ा गया है। उपायुक्त उद्योग संजय सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता देकर लोगों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।