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UP: बिहार में बैठे साइबर ठग को उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, जनसेवा केंद्र संचालक समेत दो मददगार गिरफ्तार

Mon, 09 Mar 2026 12:11 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में पुलिस ने साइबर ठगों के दो मददगारों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक जनसेवा केंद्र संचालक है। दोनों आरोपी बिहार में बैठे साइबर ठग को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। 
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चौक कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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शाहजहांपुर में सर्विलांस सेल, स्वाट, एसओजी व चौक कोतवाली की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात बरेली मोड़ स्थित पेट्रोप पंप के सामने घेराबंदी कर जनसेवा केंद्र संचालक चौक कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी श्रीश गुप्ता व आरसी मिशन थाना क्षेत्र के तारीन गाड़ीपुरा निवासी राहिल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बिहार के रहने वाले ठग राजीव रंजन को खाते उपलब्ध कराते थे। फिर ठग अपने मददगारों को तय की गई रकम भेजता था। 

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इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में श्रीश गुप्ता ने बताया कि उसका बरेली मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के सामने जनसेवा केंद्र है। करीब डेढ़ साल पूर्व बिहार निवासी रोहित रंजन से उसका मोबाइल फोन से संपर्क हुआ। रोहित रंजन ने उसे कुछ सेविंग एकाउंट उपलब्ध कराने के बदले 4500 रुपये प्रति एकाउंट के हिसाब से देना तय किया। इसके बाद काम में राहिल को शामिल किया। राहिल सीधे-साधे लोगों को बहलाकर व लालच देकर उनका आधार कार्ड व पैन कार्ड प्राप्त कर उसे देता था। इसके बाद वह उन लोगों के आधार से ऑनलाइन खाता खोलता था। फिर उन खातों में रोहित रंजन के दिए गए मोबाइल नंबर को शामिल करता था। 

ट्रेन के अटेंडेंट के माध्यम से भेजता था डेबिट कार्ड 
उसी मोबाइल नंबर पर खाते का ओटीपी जाता था। इसके बाद रोहित रंजन उसे ओटीपी बताता था। उस खाते के एटीएम की डिलीवरी के पते पर अपना पता दे देता था। जब खाते का डेबिट कार्ड आता तो उसे लिफाफे में रखकर श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में लगे अटेंडेंट के माध्यम से रोहित रंजन के बताए गए बिहार के किसी भी स्टेशन पर भेज देता था। 
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इसके बदले में रोहित रंजन उसे खाते के माध्यम से 4500 रुपये भेजता, फिर उन रुपयों को बांट लेते थे। रोहित रंजन खातों से धोखाधड़ी कर प्राप्त रकम को ऑनलाइन ट्रांसफर कर निकाल लेता था, हालांकि उक्त ऑनलाइन खातों का मूल स्वामी शाहजहांपुर के आधार कार्ड एवं पैन कार्ड स्वामी ही हैं, लेकिन खाता प्रयोगकर्ता रोहित रंजन है। इंस्पेक्टर ने बताया कि बाकी लोगों की तलाश की जा रही है। 

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डेढ़ वर्षों से कर रहे थे काम, अन्य लोग भी शामिल 
साइबर अपराधी श्रीश गुप्ता ने बताया कि वे दोनों यह काम करीब डेढ़ वर्षों से कर रहे हैं। इस मामले में सोनू (पटना), सोनू (हावड़ा), विकास, उपेश कुमार, मुकेश आदि संपर्क में हैं। यह लोग भी खाते का काम देने लगे। जिससे आमदनी बढ़ती गई। बताया कि प्रत्यक्ष रूप से इन लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई है। यह लोग अक्सर अलग-अलग नंबरों से फोन करते थे। ऑनलाइन ही उनके खाते में पेमेंट भेजते थे। पुलिस बाकी लोगों की जानकारी जुटाने में जुट गई है। 

27 मोबाइल, 16 डेबिट कार्ड हुए बरामद 
पकड़े गए लोगों के पास से 19 की-पैड मोबाइल, आठ एंड्राइड मोबाइल, तीन रिकार्ड काॅपी, 25430 रुपये, 19 जियो पैमेंट बैंक लिफाफे मय एटीएम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड जियो, दो माइक्रो एटीएम मशीन, दो बायोमीट्रिक मशीन, छह डेविट कार्ड बरामद हुए हैं। 

दोनों का है आपराधिक इतिहास 
श्रीश गुप्ता पर 2009 में हरदोई के थाना कोतवाली में दहेज उत्पीड़न, वर्ष 2021 में कोतवाली में धर्म परिवर्तन की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोपी राहिल पर वर्ष 2024 में आबकारी अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
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