जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। जलालाबाद में रविवार देर रात ट्रिपल राइडिंग में मुख्य चौराहा के पास ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी घायल हो गए। वहीं पुवायां में सोमवार दोपहर करनापुर के पास मैजिक की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई।
जलालाबाद। नगर के मोहल्ला जमदग्निनगर निवासी स्वदेश उर्फ कल्लू (24) पुत्र अमर सिंह, मोहल्ले के नन्हें (23) व रविंद्र (24) के साथ एक ही बाइक से रविवार रात नगर के एक मैरिज लान में बारात में शामिल होने गए थे। बाइक रविंद्र चला रहा था। रात लगभग 11 बजे तीनों मंडी समिति की ओर से होकर कटरा-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर पहुंचे, तभी बरेली की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में तीनों बाइक सवार आ गए। कल्लू की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि नन्हें उछलकर दूर जा गिरा और रविंद्र बाइक समेत ट्रक के निचले हिस्से में फं सकर लगभग पांच सौ मीटर तक घिसटता चला गया। इस हादसे में नन्हें और रविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद भाग रहे ट्रक को याकूबपुर चौराहे के पास मौजूद 100 डॉयल ने रोक लिया। चालक को गिरफ्तार कर ट्रक कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया। रविंद्र को नाजुक हालत में फर्रुखाबाद स्थित अस्पताल में भर्ती कराया है।
पुवायां। गांव करनापुर निवासी अख्तर अली की पत्नी मुस्तरी बेगम (55) सोमवार दोपहर खुटार-पुवायां रोड क्रास कर रही थीं। इस बीच पुवायां की ओर से खुटार जा रही एक मैजिक ने मुस्तरी बेगम को टक्कर मार दी। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। चालक मैजिक छोड़कर भाग निकला। हादसे की खबर मुस्तरी बेगम के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिवार के लोग रोते- बिलखते मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर कोतवाली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मुस्तरी बेगम के पति की पहले ही मौत हो चुकी है। वह अपने पीछे तीन पुत्र छोड़ गई हैं। एसओ ने बताया कि हादसे में अज्ञात मैजिक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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कुछ देर पहले पत्नी को बुलाकर लाया था कल्लू
जलालाबाद। स्वदेश उर्फ कल्लू की करीब दो साल पहले मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव गहवरा निवासी कुशमीरा से शादी हुई थी। अभी उसके कोई संतान नही थी। कल्लू रविवार ससुराल से अपनी पत्नी की विदा कराने के बाद जैसे ही घर पर पहुंचा उसी वक्त साथियों का बारात में चलने के लिये फ ोन आ गया। कल्लू ने कपड़े भी नहीं बदले और बारात में जाने के लिए घर से निकल गया। कल्लू अपने दो भाइयों में बड़ा था। वह मोहल्लेे में ही लगे आइडिया के टावर पर नौकरी करता था। उसी से परिवार का भरण पोषण हो रहा था। हादसे में मौत के बाद जहां उसकी पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं बुजुर्ग माता-पिता की भी सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही थीं।