शाहजहांपुर। अनुसूचित जाति की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को एक-एक लाख रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। 2020 में किशोरी को दोषी जबरन उठाकर ले गए थे।
थाना मदनापुर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया था कि छह जुलाई 2020 को उसके एक रिश्तेदार का एक्सीडेंट हो गया था। उसे देखने के लिए वह बरेली के एक अस्पताल में गई थी। उसी रात नौ बजे 15 वर्षीय पुत्री घर में अकेली थी। वह शौच के लिए खेत में गई। तभी मोनू सिंह और दिनेश उसके मुंह को कपड़े से बंदकर जबरन उठाकर ले गए।
तीन दिन तक उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया। सूचना पाकर वह बरेली से आई और थाना मदनापुर में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना की और किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण कराया। न्यायालय में बयान दर्ज कराए। इसके बाद दोनों दोषियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा।
वादी, पीड़िता व अन्य चश्मदीद गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट शिवकुमार तृतीय ने माेनू सिंह और दिनेश को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।