धान की पौध लगाकर लौटे थे मामा-भांजे
करन सिंह और अनूप रविवार की शाम को धान की पौध लगाकर लौटे थे। दोनों मेहनत-मजदूरी करते थे। रिश्ते में मामा-भांजे होने के बाद भी उनमें दोस्ताना व्यवहार था। काम से लौटने पर उनके घर में पसंद का खाना नहीं बना था। इसलिए बाइक उठाकर ढाबे पर खाना खाने के लिए चल दिए। रास्ते में हादसा होने से उनकी मौत हो गई। परिजन के अनुसार, वे आए दिन ढाबे पर खाना खाने को जाते थे।
हादसे के बाद परिवार में मातम
मामा-भांजे की मौत के बाद परिवार में मातम छाया है। अनूप चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसकी मां मीरा देवी के आंसू नहीं रुक रहे हैं। वहीं करन चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी शादी के लिए लड़की भी देखी जा रही थी। अभी बात पक्की नहीं हुई थी। उसकी मां राजकुमारी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।