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दो मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त

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शाहजहांपुर। पिछले साल नशीली दवाएं बेचने के शक में कलान स्थित भाजपा नेता के मेडिकल स्टोर पर औषधि प्रशासन उपायुक्त के नेतृत्व मेें गठित टीम ने छापा मारा था। इस दौरान मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन मिला था, जिसके नमूने लेकर जांच को भेजे गए थे। प्रयोगशाला में जांच के दौरान दो नमूने फेल हो गए। उधर, बंडा के एक मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक ट्रामाडोर दवा जांच में नकली पाई गई। नमूने फेल होने के बाद औषधि निरीक्षक ने दोनों मेडिकल स्टोर के ड्रग लाइसेंस निरस्त कर दिए। दोनों के खिलाफ वाद दायर करने से पहले मेडिकल स्टोर मालिकों को नोटिस जारी कर संबंधित अभिलेख तलब किए गए हैं।
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यह था मामला
पिछले वर्ष 19 दिसंबर को बरेली में रेलवे स्टेशन के प्लेटाफॉर्म पर रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के दो युवकों को संदिग्ध हालत मेें घूमते पकड़ा था। तलाशी लिए जाने पर उनके पास से तमाम नशीली गोलियां और पशुओं का दूध निकालने में प्रयोग किए जाने वाले हार्मोनल इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन के एंपुल बरामद किए थे। पकड़े गए युवकों ने आरपीएफ को यह भी बताया कि वह नशीली ड्रग और इंजेक्शन कलान के एक मेडिकल स्टोर से खरीदकर पंजाब के विभिन्न शहरों तक पहुंचाते हैं। बाद में आरपीएफ की सूचना पर औषधि प्रशासन उपायुक्त ने कई जनपदों के औषधि निरीक्षकों की संयुक्त जांच टीम गठित की थी। इसी टीम ने पकड़े गए युवकों की निशानदेही पर अगले दिन कलान में बदायूं मार्ग पर स्थित भाजपा नेता के शिव मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर वहां से करीब एक बोरा नशीली दवाएं और 50 एमएल मात्रा वाले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के तमाम प्रतिबंधित एंपुल बरामद किए थे। जांच से यह भी पता चला कि मेडिकल स्टोर का काम भाजपा नेता का बेटा प्रिंस गुप्ता देखता है। टीम ने वहां से प्रतिबंधित इंजेक्शन के दो नमूने सील किए जो प्रयोगशाला जांच में गुणवत्ताहीन पाए गए।
शिवम ड्रग स्टोर की दवा नकली प्रमाणित
कलान मेें मेडिकल स्टोर पर नशीली और प्रतिबंधित दवाएं बरामद होने के बाद औषधि निरीक्षक डॉ. देशबंधु विमल ने अगले दिन जिले के अन्य कई मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी कर वहां दवाओं के स्टॉक की जांच शुरू की तो बंडा में गांव मोहिद्दीनपुर निवासी दाताराम के शिवम ड्रग स्टोर से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन समेत ट्रामाडोर टेबलेट के दो नमूने सील किए थे। प्रयोगशाला जांच में ऑक्सीटोसिन गुणवत्ताहीन और ट्रामाडोर नकली पाई गई। औषधि निरीक्षक के अनुसार ऑक्सीटोसिन का केवल दो एमएल मात्रा वाला इंजेक्शन बिक्री को अनुमन्य है। यह इंजेक्शन मांसपेशियों को ढीला कर देता है और इसीलिए महिलाओं पर प्रसव के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन दोनों मेडिकल स्टोर से मिले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन 50 एमएल वाले बरामद हुए और उन पर निर्माता कंपनी के रेपर भी नहीं मिले। उन्होंने बताया कि ट्रामाडोर गोली मूलत: दर्द निवारक दवा है, लेकिन तमाम लोग उसे नशे के लिए इस्तेमाल करते हैं।
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जांच में नमूने फेल होने के बाद कलान और बंडा के मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। दोनों दुकानदारों पर मुकदमा दर्ज कराने से पहले उन्हें नोटिस जारी कर इन सभी दवाओं के क्रय-विक्रय के अभिलेख तलब किए गए हैं। इन अभिलेखों से यह पता लगाया जाएगा कि मेडिकल स्टोर संचालकों को इन दवाओं की आपूर्ति किसके जरिये कहां से हो रही थी। यह जानकारी मिलने के बाद दवा आपूर्तिकर्ताओं को भी मुकदमों में शामिल किया जाएगा।
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- डॉ. देशबंधु विमल, औषधि निरीक्षक
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