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Shahjahanpur News: चिंता भरे दो दिन... बाढ़ की आशंका से सहमे लोग

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ककरा में उफान पर गर्रा नदी। संवाद
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शाहजहांपुर। दियूनी बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गर्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अगले दो दिन में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की आशंका है। इससे तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछले दो वर्षों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों को फिर बाढ़ का डर सताने लगा है।
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर बैराजों पर पड़ा है। दो दिन पहले पीलीभीत के दियूनी बैराज से 36,801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके शुक्रवार तक जिले में पहुंचने की संभावना है। इससे गर्रा का जलस्तर करीब दो मीटर बढ़ने का अनुमान है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे 25,544 क्यूसेक और शाम चार बजे 24,678 क्यूसेक पानी गर्रा नदी में और छोड़ा गया। इसी प्रकार कटना नदी से 3,750 क्यूसेक और खखरा नदी से 1,460 क्यूसेक पानी भी गर्रा में पास किया गया है।
वर्तमान में गर्रा का जलस्तर 146.75 मीटरगेज है, जबकि खतरे का निशान 148.80 मीटरगेज है। पिछले दो दिन में जलस्तर 1.40 मीटर बढ़ चुका है। पीलीभीत और लखीमपुर में बाढ़ का असर शुरू होने से भी तटवर्ती लोगों की चिंता बढ़ी है।
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सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी
प्रशासन ने गर्रा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले ही सतर्क कर दिया है। नदी के पास जाने से रोकने के साथ पशुओं और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की अपील की जा रही है। गर्रा नदी के बिलकुल किनारे बने मकानों के पास में पानी पहुंचने लगा है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। गत वर्ष राजकीय मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया था। इस वजह से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था को शिफ्ट करना पड़ा था। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अगर आवश्यकता पड़ती है तो नीचे का फ्लोर खाली कराकर ऊपर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से खन्नौत नदी पर भी असर पड़ने की आशंका है। खन्नौत में किसी बैराज से पानी नहीं छोड़ा जाता, बल्कि बारिश का पानी आने से इसका जलस्तर बढ़ता है। गर्रा और खन्नौत नदियां दनियापुर में मिलती हैं। गर्रा का पानी बढ़ने पर पानी की वापसी से खन्नौत का जलस्तर भी बढ़ने लगता है।

बाढ़ आने की आशंका से चिंता बढ़ गई है। पिछले दो वर्षों से बाढ़ में काफी नुकसान हो रहा है। प्रशासन की ओर से कोई बचाव कार्य नहीं किया जाता है। बाढ़ आने पर घर छोड़कर परिवार के साथ दूसरे स्थान पर चले जाएंगे।
-राज किशोर, लोधीपुर

दो वर्षों से आ रही बाढ़ से काफी नुकसान हो रहा है। परिवार की चिंता बढ़ गई है। सामान को दूसरी मंजिल पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। घर के सामने सड़क बन जाने से बाढ़ से बचाव हो सकता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-राजीव कुमार, लोधीपुर

नारायण नगर में हो रहे कटान का राजस्व टीम ने किया निरीक्षण
परौर। क्षेत्र के मजरा नारायण नगर में पिछले तीन दिनों से हो रहे कटान का बृहस्पतिवार को राजस्व विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। राजस्व निरीक्षक सुखबीर सिंह और हल्का लेखपाल सौरव शर्मा ने मौके पर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लिया। दोनों राजस्व कर्मियों ने निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी कलान आशुतोष कुमार सिंह को भेज दी है। एसडीएम ने बताया कि वर्तमान में कटान स्थल से नारायण नगर की दूरी करीब 250 से 300 मीटर है। वहीं, कटान को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। निरीक्षण के दौरान गांव के मदनपाल सिंह, कुलदीप कुशवाहा, कृष्ण पाल कुशवाहा और सोनपाल कुशवाहा समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।

बाढ़ आने की स्थिति को देखते हुए जगह चिह्नित करके आश्रयस्थल बनाए जा रहे हैं। नालों को बंद कराया जा रहा है। कई जगह फाटक लगवाए जा रहे हैं। लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। लोगों को सचेत किया जा रहा है कि वे नदी के किनारे न जाएं।

- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

देवहा नदी का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा



खुदागंज। देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल नदी अपने दायरे में है, लेकिन लगातार जलस्तर बढ़ने पर रामपुर जयचंद, उत्तमपुर, रामेश्वरगंज गौटिया, भगौतीपुर, नौगमा, कुआंडांडा खंजन समेत कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। होशीपुर के रंजीत सिंह, मकरंदपुर उर्फ धीयरपुरा के अजीत सिंह और म्यूना के बिजेंदर कश्यप ने बताया कि जलस्तर बढ़ना चिंता का विषय है। ग्राम पंचायत खिरिया में भी बाढ़ का पानी घुसने की आशंका है। रामेश्वरगंज गौटिया को सबसे पहले खतरा रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निगरानी और बचाव की तैयारी की मांग की है। संवाद




बाढ़ की आशंका पर प्रशासन सतर्क, 65 बाढ़ चौकियां सक्रिय



शाहजहांपुर। गर्रा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारियां तेज कर दी हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने मनफूल कॉलोनी, ककरा पुल और शहवेजपुर का निरीक्षण किया। मनफूल कॉलोनी में नाले पर फ्लैप गेट लगाया गया, जबकि शहवेजपुर में कलवर्ट बंद कराया गया। एडीएम ने बताया कि जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। गर्रा अजीजगंज में 2.05 मीटर और खन्नौत लोधीपुल में 2.25 मीटर नीचे है। बाढ़ के लिए 65 चौकियां, 54 शरणालय और 12 मेडिकल टीमें तैयार हैं। कलान में 13 नाव व चार मोटर बोट तथा जलालाबाद में आठ नाव उपलब्ध हैं। संवाद

ककरा में उफान पर गर्रा नदी। संवाद

ककरा में उफान पर गर्रा नदी। संवाद

ककरा में उफान पर गर्रा नदी। संवाद

ककरा में उफान पर गर्रा नदी। संवाद

ककरा में उफान पर गर्रा नदी। संवाद

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