शाहजहांपुर। किशोर की गोली मारकर हत्या के दोषी दो युवकों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। मामले के दो नाबालिग आरोपियों का मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
चौक कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले विरेंद्र चौधरी ने 16 अगस्त 2012 को तहरीर देकर बताया था कि उसके 17 वर्षीय बेटे विनायक को कुछ लोग दोपहर में बुलाकर ले गए थे। किसी व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उसके बेटे का शव वर्कजई मोहल्ले में मस्जिद के पास पड़ा हुआ है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस की विवेचना में चार लोगों के नाम प्रकाश में आए।
इनमें से दो नाबालिग थे। विवेचना में सामने आया कि एक नाबालिग आरोपी की रिश्तेदार से विनायक की बातचीत होती थी, जिसको वह बुरा मानता था। इसी रंजिश में उसने अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। दोनों किशोर आरोपियों का मुकदमा किशोर न्यायालय में चल रहा है।
इस मामले में बीबीजई मोहल्ले के रहने वाले सक्षम और सिंजई के रहने वाले अमन के खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में मुकदमा चला। गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अमन और सक्षम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।