शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुदीप कुमार जायसवाल ने छात्र से अप्राकृतिक कृत्य करने के दोषी ट्यूटर को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक व्यक्ति अपनी पत्नी व बच्चों के साथ शहर के चौक कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहता था। उसका नौ वर्ष का भतीजा और एक बेटा स्कूल में कक्षा दो में पढ़ते थे। दोनों बच्चों को लोक बिहार कॉलोनी निवासी रामकुमार पाल ट्यूशन पढ़ाता था। नौ फरवरी 2015 की शाम 06:30 बजे टीचर कमरे का दरवाजा अंदर से बंदकर पढ़ाने लगा। उसके बेटे ने दरवाजे के की-होल से टीचर को भतीजे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करते देख लिया। परिजनों ने टीचर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने रामकुमार पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान छह गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने रामकुमार पाल को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। न्यायालय के विचार में दोषी ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। इस कारण वह किसी भी सहानुभूति या दया का पात्र नहीं है।