शाहजहांपुर। कोरोना संदिग्ध या संक्रमित व्यक्ति सामान्य मरीजों के बीच न पहुंचें, इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में ट्राइज क्लीनिक तैयार किया गया है। फीवर क्लीनिक के बाहर बने ट्राइज क्लीनिक में एंबुलेंस से आने वाले मरीजों की पहले जांच होगी और उसके बाद ही उन्हें आगे के लिए इलाज के लिए भेजा जाएगा। अगर कोई व्यक्ति गंभीर हुआ या कोरोना के लक्षण निकले तो उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा जाएगा और सामान्य हुआ तो उसे फीवर क्लीनिक से दवा देकर घर भेज दिया जाएगा।
बुधवार से ओपीडी के बाहर ट्राइज क्लीनिक तैयार कर लिया गया। इसमें दो जेआर, दो स्टाफ नर्स, दो वार्ड बॉय और एक लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई गई है। बृहस्पतिवार से इसे विधिवत शुरू कर दिया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभय सिन्हा के मुताबिक ट्राइज क्लीनिक, ट्रॉमा सेंटर और फीवर क्लीनिक के बीच की कड़ी का काम करेगा। एंबुलेंस के जरिए आने वाले और गंभीर मरीज जिनमें कोरोना संबंधी लक्षण प्रतीत होंगे, उनकी स्क्रीनिंग ट्राइज क्लीनिक में कराई जाएगी। मरीज की बीमारी की गंभीरता को देखते हुए, यहीं तय किया जाएगा कि उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा जाए या फीवर क्लीनिक। प्राचार्य ने बताया कि इस व्यवस्था के चलते मरीजों को इलाज में सुविधा मिलेगी। साथ ही कोरोना वायरस से सुरक्षा भी हो सकेगी। लोगों के सीधे तौर पर फीवर क्लीनिक या ट्रॉमा सेंटर में चले जाने से वायरस के फैलने का खतरा बना हुआ था। अब ट्राइज क्लीनिक में स्क्रीनिंग के बाद ही मरीज दोनों स्थानों पर भेजे जाएंगे।
फीवर क्लीनिक में देखे गए 158 मरीज, दवा भी दी गई
ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर शुरू किए गए फीवर क्लीनिक में बुधवार को कुल 158 मरीज देखे गए। फीवर क्लीनिक के लिए ओपीडी के दो कक्ष खोले गए हैं। पहले कक्ष में डॉ. बृजेंद्र और डॉ. रोहित मरीजों का चेकअप करते हैं और फिर दवा लिखी जाती है। इसी के बगल में दूसरे कक्ष में एक फार्मासिस्ट और एक वार्ड बॉय की ड्यूटी लगाई गई है, जो दवा वितरित करते हैं। फीवर क्लीनिक में ड्यूटी पर तैनात डॉ. बृजेंद्र के मुताबिक वर्तमान समय में सामान्य बुखार, खांसी, जुकाम जैसे मरीज आ रहे हैं। उनका उचित ढंग से चेकअप करके दवा दी जाती है।