राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जांच करते डॉक्टर। संवाद
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शाहजहांपुर। गर्रा नदी में आई बाढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में घुसने के बाद बंद की गईं सेवाएं सोमवार से बहाल कर दीं गईं। ओपीडी में 782 मरीज पहुंचे। वहीं, शाम छह बजे तक 60 मरीज भर्ती किए गए।
राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बाढ़ घुसने से भर्ती मरीजों को छुट्टी देकर वार्ड खाली करा दिए गए थे। ओपीडी व ट्रामा सेंटर के साथ सभी सेवाएं बंद कर दी गईं थीं। भावलखेड़ा स्थित सीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं शुरू कराईं गईं थीं। सोमवार को शुरू हुईं सेवाओं से मरीजों को राहत मिल गई है। हालांकि सोमवार को कम मरीज पहुंचे।
सुबह आठ बजे से दिन में दो बजे तक ओपीडी में 782 मरीज पहुंचे। इनमें 53 महिलाएं थीं। प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि इलाज और जांच की जा रही है। शाम छह बजे तक ट्रामा सेंटर में 60 मरीज भर्ती हुए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में साफ-सफाई की जा रही है। कैंपस की भी साफ-सफाई कराई जा रही है।
नाव से इस्लामनगर गांव में जाकर देखे 160 मरीज
सीएमओ डाॅ. विवेक मिश्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवाएं दे रही हैं। सोमवार को सीएचसी जरियनपुर की स्वास्थ्य टीम ने बोट से बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर स्वास्थ्य शिविर लगाए। इस्लामनगर प्रथम गांव में लगाए गए शिविर में 222 मरीज और इस्लामनगर द्वितीय में लगाए गए शिविर में 228 मरीजों का परीक्षण किया। बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया। इस दौरान दोनों गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने 160 लोगों की जांच की है। स्वास्थ्य टीम में डॉ. विकास, डॉ. गौरव, डॉ. अक्षिता, सचिन कुमार, शिवम मिश्रा व सौरव द्विवेदी शामिल रहे।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जांच करते डॉक्टर। संवाद- फोटो : mathura