इलाज के लिए चंडीगढ़ जा रहे एक पांच साल के बच्चे की सफर के दौरान मौत हो गई। जीआरपी पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को घरवालों के सुपुर्द कर दिया, जिस कारण जननायक एक्सप्रेस को करीब 20 मिनट तक रोजा में ठहराव दिया गया।
बिहार के जिला पुरुषोत्तम नगर निवासी बेंचू पटेल का पांच साल का बेटा मोहित बीमार चल रहा था। इसको मेडिकल कालेज गोरखपुर से हायर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर किया गया था। बेंचू पटेल ने जीआरपी को बताया कि वह अपने बेटे मोहित और बहन गिरिजा देवी और मोहित की मामी के साथ जननायक एक्सप्रेस से इलाज के लिये चंडीगढ़ जा रहा था।
शनिवार की सुबह सीतापुर आते-आते मोहित की तबियत बिगड़ने लगी, जिसकी सूचना रेलवे प्रशासन को दी गई। रोजा में सहायक मंडल चिकित्साधिकारी संजय राय अपनी टीम के साथ मरीज को अटेंड करने रोजा स्टेशन पहुंच गये। शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जब ट्रेन रोजा आई, बीमार मरीज मोहित को यहां इलाज के लिए उतारा गया, लेकिन डाक्टरों ने चेकअप करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल दल ने जीआरपी को मेमो देकर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जीआरपी प्रभारी विवेक मौर्य ने बताया कि मोहित बीमार चल रहा था। इसी बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है। उसके पास रेफर लेटर था। मृतक के पिता ने पोस्टपार्टम कराने से मना कर दिया लिहाजा अधिकारियों से निर्देश लेने के बाद उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।