पहले से निर्धारित तिथि पर नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाने से आक्रोशित प्रशिक्षु शिक्षकों ने सोमवार को बीएसए कार्यालय में ताला ठोक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझा और त्योहार पर शांति बनाएं रखने की अपील की। इसी बीच प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय सिंह भी अन्य पदाधिकारियों से साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने भी आक्रोशित शिक्षकों को शांत किया और बीएसए राकेश कुमार से तत्काल फोन पर बात की। श्री सिंह के आग्रह पर बीएसए ने 14 नवंबर को नियुक्ति पत्र जारी करने का लिखित आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर शिक्षक शांत हुए।
शिक्षकों का आरोप था कि उन्हें नियुक्ति पत्र देने के लिए टालमटोल की जा रही है। लगातार तिथियां आगे बढ़ाई जा रही हैं, जबकि कई अन्य जनपदों में प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। नियुक्ति पत्र लेकर दिवाली को और भी धूमधड़ाके से मनाने की योजना मन में बनाने वाले प्रशिक्षु शिक्षक सुबह से ही बीएसए कार्यालय में जुट रहे थे। यहां बतादें कि जनपद में कुल 2800 रिक्तियां थीं, इसमें 1776 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र अभी जारी नहीं हो सके हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। जब शाम करीब चार बजे तक उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए तो उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने दफ्तर में ताला डाल दिया।
इसकी सूचना कर्मचारियों ने थाना सदर बाजार में दे दी, जिस पर एसआई इंद्रेश राजपूत और एसआई सीमा सिंह अपनी टीम के साथ बीएसए कार्यालय पहुंच गए। टीईटी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गौरव शुक्ला ने बताया कि बीएसए ने 14 नवंबर को नियुक्ति पत्र जारी करने का आश्वासन लिखित रूप से दिया है।
दिवाली पर रसोइयों को मिला मानदेय
बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले कई माह से रसोइयों के मानदेय की शिकायत दूर करते हुए उनके खातों में मानदेय की राशि भेज दी है। एमडीएम के जिला संयोजक निश्चय सिंह ने बताया कि प्राथमिक स्कूलों के रसोइयों के लिए चार माह और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के रसोइयों के लिए तीन माह का मानदेय उनके खातों में भेज दिया गया है। श्री सिंह ने कहा कि अधिकांश स्कूलों को इसकी सूचना दे दी गई थी, ताकि वह चेक काट दें। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षामित्रों को चेक मिल गए हैं वह मंगलवार को अपना भुगतान बैंकों से ले सकते हैं।