मिर्जापुर में नगला बसोला गांव में सड़क पर ईंट रोड़ा डलावाया गया। स्रोत : जागरूक पाठक
मिर्जापुर / जलालाबाद। गंगा और रामगंगा नदी का जलस्तर कम होने से लोगों को राहत मिली है लेकिन स्टेट हाईवे समेत संपर्क मार्गाें के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जलालाबाद- शमशाबाद स्टेट हाईवे पर पानी कम होने पर प्रशासन ने बुधवार को यातायात शुरू करा दिया। नगला-बसोला मार्ग, बख्तावरगंज मार्ग, कटैला नगला-मस्जिदनगला मार्ग समेत कई सड़कें बाढ़ के पानी से कट जाने के कारण आवागमन बाधित है। बृहस्पतिवार को समाजसेवी रिजवान अहमद ने नगला बसोला और भरतपुर पैलानी मार्ग पर रोड़ा डलवाकर मार्ग पैदल आवागमन के लायक बनवा दिया। इससे ग्रामीणों को राहत मिली है।
जलालाबाद में बाढ़ से कई जगह क्षतिग्रस्त हुई सड़कें लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गईं हैं। रास्ते भी लोगों की मुसीबत का सबब बने हुए हैं। क्षतिग्रस्त हुए मार्गों में सबसे बुरा हाल कसारी गांव को जाने वाले सड़क का है। सड़क तीन-चार जगह गई फुट कटकर पानी में बह गई है। सड़क पर हुए गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इसकी वजह से यहां से बाइक आदि का संचालन पूरी तरह से ठप है।
प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए उपलब्ध कराया गया मोटर बोट पानी कम हो जाने के बाद चल नहीं चल पा रहा। इससे इन दो गांवों की बड़ी आबादी को करीब आठ सौ मीटर की दूरी कीचड़ और पानी भरे रास्ते से पैदल तय करनी पड़ रही है।