उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की जिला इकाई ने नोट बंदी के बाद हुईं समस्याओं को उठाते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री तथा वित्तमंत्री को ज्ञापन भेजकर व्यापार हित में समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग की। संबंधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा को दिए गए। जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में तमाम व्यापारी सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने केंद्र सरकार के नोटबंदी के निर्णय का स्वागत तो किया साथ ही उससे उत्पन्न हुईं समस्याओं की ओर प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। व्यापारियों का कहना है कि कैशलेस व्यवस्था जबरदस्ती न थोपी जाए। साथ ही व्यापार चलाने के लिए बैंक से पैसा निकासी की सीमा समाप्त की जाए।
ज्ञापन में इन मांगों के अलावा उधारी डूबने की स्थित में उसकी क्षतिपूर्ति करने, बैंकों से 500 सौ के नोटों की आपूर्ति बढ़ाने, साइबर अपराधों का निस्तारण करने के लिए सख्त कानून बनाने, पुरानी करेंसी के रूप में जो 15 लाख तक की राशि बैंकों में जमा कराई गई है, उस पर आयकर विभाग से पूछताछ न कराने, सभी राजनैतिक दलों पर भी आयकर कानून लागू करने, दो हजार का नोट बंद कर उसके स्थान पर एक हजार का नोट चलाने आदि मांगें शामिल की गई हैं। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री मनोज खन्ना, नगराध्यक्ष सचिन बाथम, महामंत्री अमित शर्मा, प्रांतीय मंत्री नारायण दास अग्रवाल, प्रभात रंजन पांडेय, महेंद्र चावला, शब्बन अली, प्रवीण मिश्रा, फुरकान अली, गुलजार अहमद, रोमी सिंह, राजेश खन्ना, नासिर अली, सगीर अहमद अंसारी, अशोक गुप्ता, उवैस हसन खां, शिव कुमार गुप्ता, पंकज टंडन समेत बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।