डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ में शामिल विभिन्न विभागों के घटक संगठनों से जुड़े अभियंताओं ने हड़ताल के दूसरे दिन भी कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रारंभिक ग्रेड वेतन में संशोधन और राजपत्रित अधिकारी का दर्जा देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे है। इस बीच, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगों का समर्थन करते हुए शुक्रवार को आधी रात से हड़ताल मेें शामिल होने की घोषणा की है।
धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि हड़ताल से विकास कार्यो में आए ठहराव को देखते हुए सरकार को जनहित में अपनी हठधर्मिता त्याग देनी चाहिए। इस मौके पर सोमपाल सिंह, बीएम सिंह, आरिफ, शिवचरन लाल, आरके गौतम, गया प्रसाद चौरसिया, शैलेंद्र अवस्थी आदि ने कहा कि संवर्ग के सम्मान से जुड़ी मांगों को लेकर सरकार से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
इधर, राज्य विद्युत परिषद जेई संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पांडेय ने अधीक्षण अभियंता को शुक्रवार मध्य रात्रि से हड़ताल पर जाने का नोटिस दे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को डिप्लोमा इंजीनियर्स की जायज मांगें स्वीकार करनी पड़ेंगी। अन्यथा विद्युत वितरण मंडल के सभी अवर अभियंता बड़ताल में शामिल हो जाएंगे और ऐसी दशा में पीलीभीत व शाहजहांपुर जिले में बिजली संकट की जवाबदेही शासन की होगी।