जलालाबाद। याकूबपुर तिराहे के पास फर्रुखाबाद हाईवे किनारे टेंट लगाकर रह रही घुमंतू समाज की महिला किरन (27) की सर्पदंश से मौत हो गई। सांप के डसने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने में जुटे रहे। हालत बिगड़ने पर बृहस्पतिवार सुबह उसे सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
मृतका के जेठ लखन ने बताया कि उसके छोटे भाई आकाश की पत्नी किरन मंगलवार रात हाईवे किनारे नाले के पास सो रही थी। पास में टेंट में परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे। रात करीब साढ़े दस बजे सांप ने किरन के हाथ में डस लिया। काफी देर तक उसे इसका पता नहीं चला। दर्द होने पर उसने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद लोगों ने सांप को पकड़कर मार दिया।
परिजन किरन को गुरुगवां ले गए और वहां झाड़फूंक कराई। हालत में सुधार न होने पर भी उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे हालत गंभीर होने और मुंह से झाग निकलने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने किरन को मृत घोषित कर दिया। कायमगंज निवासी किरन की शादी करीब नौ-दस माह पहले ही आकाश से हुई थी।
जलालाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनोद यादव ने बताया कि सांप के डसने पर पीड़ित को तत्काल अस्पताल लाया जाना चाहिए। देरी होने पर जान बचाना मुश्किल हो जाता है। सीओ जलालाबाद दीपक सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
ये बरतें सावधानी
- सांप के काटने के बाद झाड़फूंक और देसी उपचार से बचें।
- मरीज को तुरंत ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर उपचार कराएं
- सांप काटने पर घबराने से बचें, ऐसा करने से हार्टअटैक की आशंका रहती है।
- जिस जगह पर सांप काटे, उसे चलाएं नहीं, स्थिर ही रहने दें।
- कुछ लोग उस स्थान पर चीरा लगा देते हैं, चूसकर जहर निकालने की कोशिश न करें।
- 80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने के कारण झाड़फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।
(जैसा स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. आसिफ ने बताया)