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सिंहपुर के बाद अब मोहनपुर में दिखे बाघ के पगचिह्न

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खुटार। पुनौती, रजमना, सिंहपुर के बाद अब गांव मोहनपुर में बाघ के पगचिह्न देखे जाने से गांव के लोग दहशत में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचे हैं।
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गांव मोहनपुर निवासी सरोज तिवारी का खेत गांव खजुरिया के पास है। शुक्रवार को गांव के अर्जित वाजपेयी सहित कुछ लोग खेतों की ओर गए थे। जहां सरोज तिवारी के खेत में बाघ के पगचिह्न बने देख गांव के लोग मौके से दूर भाग गए। गांव के लोगों को आशंका है कि बाघ आसपास गन्ने के खेतों में हो सकता है।
गौरतलब है कि बुधवार रात गांव सिंहपुर में भी लोगों ने बाघ देखे जाने की बात कही थी। सिंहपुर की दूरी मोहनपुर से तीन किमी है। ऐसे में लोगों को आशंका है कि सिंहपुर से ही बाघ इधर को आ गया है। सूचना के बाद भी वनकर्मियों के नहीं पहुंचने से लोगों में रोष है। रेंजर डीएस यादव ने बताया कि जंगल के आसपास तमाम गांवों के लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। सिंहपुर में बाघ देखे जाने की जांच कराई जाएगी। मोहनपुर की कोई सूचना नहीं मिली है।
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सिंहपुर नहीं पहुंचे वनकर्मी, दहशत में ग्रामीण
खुटार। गांव सिंहपुर में बुधवार रात बाघ देखे जाने की सूचना के बाद शुक्रवार को भी वन दरोगा आदि ने गांव जाकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। एक वाचर को गांव भेज दिया गया, जिसने लोगों से खेत पर काम करते समय सावधानी बरतने की अपील की। बाघ की वजह से लोग खासे दहशत में हैं।
गौरतलब है कि बुधवार रात गांव सिंहपुर के रामदयाल और शैलेंद्र कुमार के खेत में बाघ देखे जाने से लोगों में दहशत फैल गई थी। गांव के लोग रात भर पटाखे चलाकर शोर शराबा करते रहे थे। गांव के लोगों के अनुसार वनकर्मियों को सूचना देने के बाद भी बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी है। इससे लोग खासे दहशत में हैं। बाघ के डर की वजह से बृहस्पतिवार की रात ज्यादातर ग्रामीण जागते रहे।
गांव के दौलतराम, श्रीकृष्ण, रामस्वरूप, रामदयाल आदि ने बताया कि वाचर लेखराम ने गांव आकर लोगों से कहा है कि अकेले खेत पर जान से बचे, लेकिन पशुओं के लिए घास आदि लेने जाना ही पड़ता है। इसके अलावा कोई भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचा और मौके पर जाकर पगमार्क आदि जांच करने की जरूरत नहीं समझी है। लोगों ने बाघ के डर से घर के बाहर सोना बंद कर दिया है।
भारी पड़ सकती है लापरवाही
खुटार। सिंहपुर से पहले गांव पुनौती, भरकलीगंज और रजमना में भी लोगों ने बाघ देखे जाने की शिकायत की थी। पुनौती से सूचना के बाद डीएफओ आदर्श कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों से जानकारी ली थी और जंगल में कैमरे भी लगवाए थे, लेकिन इसके रजमना और सिंहपुर में वनकर्मियों ने जाकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी है। ऐसे में वनकर्मियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है।
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